भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर का राजनीतिक सफर 32 साल लंबा रहा। संघ के कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने पहचान बनाई। छात्र राजनीति में नाम कमाया। भाजपा जिलाध्यक्ष रहे और अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे थे।
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राजनाथ सिंह के साथ संजय खोखर
- फोटो : अमर उजाला
साल 2017 के चुनाव में भी खोखर ने छपरौली विधानसभा से टिकट मांगा था। पिछले लोकसभा चुनाव में भी वह टिकट के दावेदारों में शामिल थे। छपरौली के धंधाना पट्टी निवासी संजय खोखर ककौर कलां के जूनियर हाईस्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक थे। साल 1988 से वह संघ में सक्रिय हुए थे।
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कैशव प्रसाद मौर्य के साथ संजय खोखर
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बड़ौत में पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में दबदबा रहा। लंबे समय तक छात्र राजनीति की। साल 2014 से 2018 तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे। लंबे राजनीतिक सफर में उनकी नजदीकियां आला नेताओं से बढ़ीं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, गन्ना मंत्री सुरेश राणा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पास उनकी आवाजाही लगी रही।
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जेपी नड्डा के साथ संजय खोखर
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में उनकी खास पैठ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं से भी सियासी मंचों पर संजय खोखर को मिलने का मौका मिला, उन्होंने जिले की समस्याओं को रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी वह मिल चुके थे।
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पीएम मोदी के साथ संजय खोखर
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आपको बता दें कि बागपत जिले के छपरौली थाना क्षेत्र के तिलवाड़ा मार्ग की चकरोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।