लॉकडाउन के कारण जहां व्यापार प्रभावित हो रहा है वहीं किसान और खेत-खलिहान भी लाॅकडाउन के कारण हो रहे नुकसान की जद में आ गए हैं। इससे व्यापारियों के साथ साथ किसान वर्ग भी काफी मुश्किल में है।
मेरठ देहात इलाकों में फूलों की खेती कर रहे किसानों को इन दिनों काफी नुकसान हुआ है। लाॅकडाउन के दौरान किसान फूलों को मंडी अथवा दूसरे राज्यों में नहीं भेज पा रहे हैं। ऐसे में फूल खेत में ही सूखकर नष्ट हो रहे हैं।
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फूलों की खेती
- फोटो : amar ujala
मेरठ से सटे इलाकों में काफी संख्या में किसान फूलों की खेती करते हैं। इस मौसम में गेदें जैसे मौसमी फूलों की फसल खेत में तैयार है। इन फूलों की दूसरे राज्यों में काफी डिमांड है। लेकिन लाॅकडाउन के बाद से ही किसान फूलों को मंडी में नहीं भेज पा रहे हैं। इस कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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फूलों की खेती
- फोटो : amar ujala
मंगलवार को कस्बा निवासी किसान राकेश सैनी ने अपने पांच बीघा खेत में खड़ी गेंदे की फसल को ट्रैक्टर से जोत दिया। राकेश सैनी ने बताया कि उनके फूल हरिद्वार, दिल्ली मंडी में जाते हैं। यहां से अन्य राज्यों के व्यापारी फूल खरीदने आते हैं। लेकिन लाॅकडाउन की वजह से फूल खेत में ही मुरझा रहे हैं।
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फूलों की खेती
- फोटो : अमर उजाला
लावड़ क्षेत्र में बड़े स्तर पर गेंदे के फूल की खेती होती है। लेकिन अब ये फूल खेत में ही मुरझा रहे हैं। किसान ने बताया कि लाॅकडाउन में फूलों की सप्लाई न होने से सबसे ज्यादा समस्या आई है। फूलों की खेती करने वाले अन्य किसान काफी प्रभावित हुए हैं।
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फूलों की खेती
- फोटो : अमर उजाला
कई किसान प्रतिदिन कई क्विंटल फूलों को तोड़ने के बाद उन्हें कूड़े पर डाल रहे हैं। ऐसे में किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। लाॅकडाउन के कारण फ़ूलो की सप्लाई न होने से किसान परेशान हैं। लावड़ में भी एक किसान ने गेंदे से खड़े खेत को ट्रैक्टर से जोत दिया।