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दर्दनाक मौत: एक तरफ धधकती आग तो दूसरी तरफ थी 60 फीट गहराई, चीफ इंजीनियर ने खिड़की से लगा दी छलांग
Sun, 27 Nov 2022 03:16 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 27 Nov 2022 03:16 PM IST
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चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुशवाह
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में शनिवार दोपहर 1:15 बजे थे। मोहिउद्दीनपुर मिल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर 25 कर्मचारी काम कर रहे थे। केमिकल की पाइप में धुआं उठने पर कर्मचारियों ने चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार कुशवाहा को बुला लिया। इंजीनियर तीसरी मंजिल पर टरबाइन मशीन के कंट्रोल रूम में लाइन ठीक कर रहे थे, तभी पाइप फट गया।
नरेंद्र कुमार कुशवाहा
- फोटो : amar ujala
जान जोखिम में डालकर बंद की टरबाइन, अन्यथा होता बड़ा हादसा
चीफ इंजीनियर ने अपनी जान की परवाह नहीं की। तीसरी मंजिल से कूदने से पहले टरबाइन मशीन बंद कर दी थी। मिल अधिकारियों ने बताया कि अगर मशीन बंद नहीं होती तो और बड़ा हादसा हो सकता था। बताया गया कि टरबाइन कंट्रोल रूम के पास ही ऑयल के दो-दो हजार लीटर की क्षमता वाले दो टैंक हैं। अगर आग टैंकों तक पहुंच जाती तो हादसा और भयावह होता।
चीफ इंजीनियर ने अपनी जान की परवाह नहीं की। तीसरी मंजिल से कूदने से पहले टरबाइन मशीन बंद कर दी थी। मिल अधिकारियों ने बताया कि अगर मशीन बंद नहीं होती तो और बड़ा हादसा हो सकता था। बताया गया कि टरबाइन कंट्रोल रूम के पास ही ऑयल के दो-दो हजार लीटर की क्षमता वाले दो टैंक हैं। अगर आग टैंकों तक पहुंच जाती तो हादसा और भयावह होता।
फैक्टरी में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों ने छोटे सिलिंडर को बाहर फेंका
कंट्रोल रूम में एक छोटा गैस सिलिंडर भी रखा था। आग लगने के बाद कर्मचारियों ने सिलिंडर को बाहर फेंक दिया था।
कंट्रोल रूम में एक छोटा गैस सिलिंडर भी रखा था। आग लगने के बाद कर्मचारियों ने सिलिंडर को बाहर फेंक दिया था।
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फैक्टरी में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
हाइड्रोलिक मशीन नहीं पहुंची
टरबाइन कंट्रोल रूम की दूसरी और तीसरी मंजिल पर आग लगने की सूचना पर दमकल की पांच गाड़ियां पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को चार घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। यदि हाइड्रोलिक मशीन पहुंच जाती तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। कर्मचारियों ने हाइड्रोलिक मशीन के नहीं पहुंचने पर रोष जताया।
टरबाइन कंट्रोल रूम की दूसरी और तीसरी मंजिल पर आग लगने की सूचना पर दमकल की पांच गाड़ियां पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को चार घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। यदि हाइड्रोलिक मशीन पहुंच जाती तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। कर्मचारियों ने हाइड्रोलिक मशीन के नहीं पहुंचने पर रोष जताया।
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फैक्टरी के बाहर खड़ें लोग
- फोटो : amar ujala
क्षमता से कम पेराई कर रही चीनी मिल
मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल की गन्ना पेराई क्षमता 35 हजार क्विंटल है। किसानों ने बताया कि चीनी मिल को चले हुए 17 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक 20 हजार प्रति क्विंटल पर चल रही थी। इस कारण गन्ना पेराई में देरी होती है और किसानों को परेशानी हो रही है।
मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल की गन्ना पेराई क्षमता 35 हजार क्विंटल है। किसानों ने बताया कि चीनी मिल को चले हुए 17 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक 20 हजार प्रति क्विंटल पर चल रही थी। इस कारण गन्ना पेराई में देरी होती है और किसानों को परेशानी हो रही है।