उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली में तैनात महिला सिपाही अनीता सिंह की सुसाइड अनेक अनसुलझे सवाल छोड़ गई है। पोस्टिंग के दो साल और शादी के महज एक साल भी पूरा नहीं करने वाली अनीता सिंह की मौत से उसका परिवार सदमे में है। वहीं, शहर कोतवाली के साथी पुलिसकर्मी भी गमगीन हैं।
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस विभाग में वर्ष 2016 बैच की महिला आरक्षी अनीता सिंह पुत्री भूदेव प्रसाद निवासी नंगला दयाल निवासी अलीगढ़ को पहली पोस्टिंग शहर कोतवाली में मिली थी। साथी पुलिसकर्मियों में विजय चौधरी, नरेशपाल व विशाल के अनुसार अनीता सिंह मृदुभाषी थी। ड्यूटी के प्रति हमेशा जिम्मेदार रहने वाली अनीता ने पोस्टिंग होने के बाद करीब डेढ़ साल पूर्व साकेत कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दरोगा राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी के मकान की दूसरी मंजिल पर कमरा किराए पर लिया था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि, 23 नवंबर 2017 को शिवांक से शादी होने के बाद भी अनीता इसी मकान में रहती रही, जबकि उसका पति गाजियाबाद से एक पखवाड़े में दो-तीन दिन के लिए यहां आ जाता था। अनीता अब अपना ट्रांसफर गाजियाबाद ही कराने के लिए प्रयासरत थी, ताकि पति-पत्नी दोनों एक साथ ही रह सके।
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यूपी पुलिस
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पति शिवांक का कहना है कि अनीता का ट्रांसफर हो चुका था और रिलीविंग की डेट फिक्स कराने के लिए वह एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलना चाहती थी। इसीलिए उसने मुझे बुधवार दोपहर को पुलिस ऑफिस यह देखने के लिए भेजा था कि एसएसपी ऑफिस में मौजूद हैं अथवा नहीं। हालांकि पति को पुलिस ऑफिस भेजने के चंद मिनटों के बाद ही अनीता ने खुद को फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी। इसकी वजह कोई भी समझ नहीं पा रहा है कि आखिर उन चंद मिनटों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि अनीता को जान देने जैसा दुस्साहसिक कदम उठना पड़ा।
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फाइल फोटो
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बहन और भाई ने किसी झगड़े से किया इंकार
फांसी लगाकर जान देने वाली अनीता सिंह के भाई अशोक व बहन से अफसरों ने मोबाइल पर बात कर दंपति के बीच किसी तरह की नोकझोंक या विवाद होने की गुंजाइश खंगाली। दोनों ने ही पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद होने की बात से इंकार किया है।