अग्निपथ के विरोध की आंच ने इस बार सैकड़ों ग्रेपलिंग के खिलाड़ियों के मंसूबों को भी झुलसा दिया है। जो खिलाड़ी यूपी स्टेट ग्रेपलिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होकर अपने प्रदर्शन के बल पर नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप तक पहुंचने का सपना संजो रहे थे, वह टूट गया। जनता वैदिक डिग्री कॉलेज में संपन्न हुई सब-जूनियर राज्य स्तरीय ग्रेपलिंग कुश्ती प्रतियोगिता में 170 खिलाड़ी नहीं पहुंच सके।
Exclusive: अग्निपथ के विरोध ने व्यवस्था बिगाड़ी, मैदान तक नहीं पहुंच सके खिलाड़ी, प्रतियोगिता में केवल 250 पहुंचे
दो दिवसीय प्रतियोगिता में 420 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन मात्र 250 खिलाड़ी ही प्रतियोगिता में पहुंच सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन जनपदों से नहीं पहुंचे खिलाड़ी
ग्रेपलिंग कुश्ती समिति बागपत के सचिव विकास कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में 25 जनपदों के 420 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अग्निपथ योजना के विरोध के चलते मिर्जापुर, आजमगढ़, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और रामपुर जनपद से लगभग 170 खिलाड़ी नहीं पहुंच सके।
पिछले साल 160 खिलाड़ियों का नेशनल में हुआ था चयन, 74 खिलाड़ियों ने जीते थे पदक
ग्रेपलिंग कुश्ती समिति उप्र के सचिव मनोज यादव ने बताया कि गत वर्ष जनता वैदिक डिग्री कॉलेज में पांच से सात सितंबर को प्रथम राज्य स्तरीय ग्रेपलिंग कुश्ती प्र्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें शानदार प्रदर्शन के आधार पर 160 खिलाड़ियों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुई नेशनल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था, जिसमें से 74 खिलाड़ियों ने पदक जीते थे। जिसमें 25 गोल्ड, 18 सिल्वर और 31 कांस्य पदक जीते थे।
रूस में लहराया था तिरंगा, हरियाणा और जौनपुर के खिलाड़ियों ने जीते थे कांस्य पदक
इंटरनेशनल ग्रेपलिंग महिला खिलाड़ी जौनपुर की नर्मता यादव ने बताया कि नेशनल के बाद इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए ऑल इंडिया से 16 खिलाड़ियों का चयन किया गया था। यह इंटरनेशनल चैंपियनशिप गत माह 19 से 21 मई को रूस में संपन्न हुई थी। जिसमें उन्होंने 53 किलोग्राम भार में कांस्य व हरियाणा के संजीव कादियान ने 130 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था।
गाजीपुर में हो रहा था दंगा
गाजीपुर से ग्रेपलिंग के खिलाड़ी विशाल प्रजापति से फोन पर बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि यूपी स्टेट चैंपियनशिप के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन गाजीपुर में दंगा हो रहा था, जिस कारण प्रतियोगिता में नहीं आ सके।