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Eid-ul-Adha: आंखें कंचीली-पैर सफेद, पाकिस्तानी 'सुल्तान' की कीमत 3 लाख, बाबा और नवाब भी कम नहीं

Thu, 07 Jul 2022 11:40 AM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
वाहिद अली, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 07 Jul 2022 11:40 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश बकरीद की तैयारियां जोरों पर हैं। बकरीद पर कुर्बानी के लिए मेरठ के पुराने कमेला रोड पर पैठ में पहुंच रहे पशु आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। पुराने कमेला रोड पर पैठ में कीमती भैंसें और कुर्बानी के बकरे पहुंच रहे हैं।

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Eid-ul-azha 2022: Eyes and Feet white, Pakistani Sultan cost is for three lakhs, Baba and Nawab not even less
Eid-ul-azha 2022 - फोटो : अमर उजाला

ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार की तैयारियां जोरों पर है। बकरीद को लेकर हापुड़ रोड पुराने कमेला रोड पर पशुओं की पैठ लगी है। पशु व्यापारी कीमती और खूबसूरत दिखने वाले भैंसें और बकरे बाजार में ला रहे हैं। इनमें सबसे खास पाकिस्तानी नस्ल का 3 लाख रुपये की कीमत का सुल्तान (भैंसा) और साढ़े 3-3 लाख रुपये की कीमत के बाबा व नवाब (बकरे) आकर्षक का केंद्र बने। इन्हें सिर्फ बकरीद पर कुर्बानी के लिए शौक से पाला गया है, जिनके खाने पीने का भी खास ख्याल रखा जाता है।



इसलिए दी जाती है कुर्बानी
रमजान के 70 दिन बाद बकरीद का त्योहार मनाया जाता है। कहा जाता है कि अल्लाह ने पैगंबर हजरत इब्राहिम से उनकी सबसे प्यारी चीज का त्याग करने के लिए कहा था। जिस पर उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया। वह बेटे की कुर्बानी देने ही जा रहे थे कि अल्लाह ने उनके बेटे को बकरे के रूप में बदल दिया। तभी से कुर्बानी देने की प्रथा चली आ रही है। इस बार 10 जुलाई को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन कुर्बानी के लिए लोग पशु पैठ से असे-अलग कीमत के पशु खरीद रहे हैं।

Eid-ul-azha 2022: Eyes and Feet white, Pakistani Sultan cost is for three lakhs, Baba and Nawab not even less
पशु पैठ - फोटो : अमर उजाला

जाकिर कॉलोनी निवासी शादाब कुरैशी ने बताया कि वह कुर्बानी के लिए भैंसें पालते हैं। पाकिस्तानी नस्ल का सुल्तान बिल्कुल अलग है। साढ़े 3 साल की उम्र में करीब 6 सौ किग्रा. वजन, आंखें कंचीली और चारों पैर सफेद हैं। खूबसूरत दिखने के लिए मालिक ने सुल्तान के चारों पैरों में घुंघरू और पूरे शरीर पर सरसों के तेल की मालिश कर रखी थी। मालिक ने बताया कि उसकी खुराक के लिए प्रतिमाह 30-35 हजार रुपये खर्च होते हैं। वह दूध, देशी घी, चने रोज खाता है।

Eid-ul-azha 2022: Eyes and Feet white, Pakistani Sultan cost is for three lakhs, Baba and Nawab not even less
पशु पैठ - फोटो : अमर उजाला

बकरों का रखते हैं खास ख्याल
पुराने कमेला रोड शाही महल निवासी जावेद अंसारी ने बताया कि उन्होंने दो बकरों को बड़े शौक से पाला है। दोनों की उम्र दो साल है, जबकि बाबा व नवाब में अलग-अलग 160 से 170 किग्रा. के करीब वजन है।

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पशु पैठ - फोटो : अमर उजाला

साढ़े 3-3 लाख की कीमत के दोनों बकरों को दूध, चना, दही, मट्ठा देते हैं। इसके अलावा दोनों का खून भी समय-समय पर लैब में टेस्ट कराया है। खून गाढ़ा हुआ तो बकरों को भी ह्दयघात हो जाता है। ऐसे में दोनों बकरों का बेहद खास ख्याल रखा जाता है।

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पशु पैठ - फोटो : अमर उजाला

स्वस्थ जानवर की ही कुर्बानी जायज  
बकरा, भैंस हो या कोई अन्य कुर्बानी का जानवर हो, सभी पूूरी तरह स्वस्थ होने चाहिए। बीमारी या हड्डी टूटे हुए जानवर की कुर्बानी नहीं होगी। - मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी, इस्लामिक स्कॉलर

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