विजयदशमी पर मेरठ शहर में 10 स्थानों पर दशहरा मेले का आयोजन हुआ। यहां श्रीराम ने अग्नि बाण से रावण का अंत किया। दिल्ली रोड, सदर भैसाली ग्राउंड, रजबन, सूरजकुंड, जेलचुंगी, प्रह्लादनगर में भव्य लीला मंचन हुआ।
इनके अलावा तोपखाना, कंकरखेड़ा, कसेरूखेड़ा, शास्त्रीनगर में दशहरा मेला और पुतला दहन किया गया। रामलीला समितियों ने भ्रष्टाचार, अपराध, रोग, मोह, गंदगी, लालच, अन्याय, आतंकवाद, महिला उत्पीड़न, अत्याचार जैसी दस बुराइयों का प्रतीक रावण को मानकर पुतला दहन किया गया।
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रावण का दहन।
- फोटो : amar ujala
विभिन्न स्थानों पर 80 से 130 फीट के रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों के साथ सोने की लंका का भी दहन किया गया।
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रावण का दहन।
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वहीं कई कॉलानियों के साथ सदर, लालकुर्ती, रजबन, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, बुढ़ाना गेट आदि स्थानों पर बच्चों ने स्वयं रावण के पुतले बनाए।
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दशहरा
- फोटो : amar ujala
छावनी रामलीला में काया कला केंद्र दिल्ली के कलाकारों ने दो रावण और राम के बीच युद्ध दिखाया। पहली बार दो स्टेज तैयार किए गए। मंच के साथ जमीन पर भी युद्ध हुआ।
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दशहरा मेला।
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कार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी लीला देखने पहुंचे। दिल्ली रोड रामलीला ग्राउंड के बाहर खाद्य पदार्थों के साथ बच्चों के खिलौने की दुकानें और झूले लगाए गए। राम रावण युद्ध करते हुए दिल्ली रोड रामलीला ग्राउंड पहुंचे। पुतला दहन के पूर्व आतिशबाजी भी हुई। शहर में आठ स्थानों पर स्थानीय कलाकारों ने संपूर्ण रामलीला मंचन किया।