डॉ. आदिल अहमद की परत दर परत खुलती जा रही है। उसके घर के बाहर कचरे से फ्लाइट का टिकट मिला है, जो 31 अक्तूबर का है। यह टिकट श्रीनगर से दिल्ली का है। इससे साफ स्पष्ट होता है कि धमाके से 10 दिन पहले आदिल दिल्ली में था। वहां से कब सहारनपुर लौटा था यह जांच का विषय है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद को सहारनपुर से छह नवंबर में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उसके कश्मीर स्थित घर से एके-47 बरामद हुई थी। डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद ही फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री मिली थी। 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका हुआ था। डॉ. आदिल सहारनपुर में थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मानकमऊ स्थित अमन विहार कॉलोनी में किराये के मकान में रहता था।
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मानकमऊ स्थित डॉ. आदिल के घर के पास कचरे से मिले टिकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह जिस मकान में रहता था, उस पर ताला लगा हुआ है। मकान की लगातार निगरानी की जा रही है। मकान के बराबर और सामने खाली प्लॉट है। बुधवार को घर के बाहर कचरे में डॉ. आदिल का फ्लाइट का टिकट मिला है। टिकट पर आदिल का नाम और तिथि अंकित है।
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मानकमऊ स्थित डॉ. आदिल के घर के पास कचरे से मिले टिकट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टिकट 31 अक्तूबर का श्रीनगर से दिल्ली का है। यानी डॉ. आदिल ने 31 अक्तूबर को श्रीनगर से दिल्ली की यात्रा की थी। टिकट पर आदिल का नाम दर्ज है। यानी धमाके से 10 दिन पहले आदिल दिल्ली में था। उसके बाद ही सहारनपुर लौटा था। फ्लाइट के टिकट को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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डॉ. आदिल अहमद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग के सरकारी अस्पताल से इस्तीफा देकर आया था आदिल
आतंकी डॉ. आदिल अहमद के करीबी खुफिया एजेंसियों की रडार पर हैं। डॉ. आदिल जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के वानपुरा का रहने वाला है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। इसके बाद अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर नौकरी करने लगा। हालांकि, वर्ष 2024 में अनंतनाग सरकारी अस्पताल में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सहारनपुर आ गया था। तब से वह सहारनपुर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में काम करता रहा। वर्ष 2024 में दिल्ली रोड पर वी-ब्रॉस अस्पताल में काम किया। इसके बाद फेमस मेडिकेयर अस्पताल में काम कर रहा था।
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मानकमऊ स्थित अमन विहार कॉलोनी के इसी मकान में किराये पर रहता था डॉ. आदिल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किराये पर रहा आदिल, नहीं हुआ था सत्यापन
डॉ. आदिल के करीब एक साल से जिले में होने से नियमित सत्यापन पर सवाल उठ रहे हैं। आदिल करीब आठ महीने से मानकमऊ में किराए के मकान में रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक नहीं लगी। वह दिल्ली रोड पर भी रहा। नियमित सत्यापन नहीं होने से ऐसे आरोपी फायदा उठाते हैं।