राज्यमंत्री अतुल गर्ग की कार और उसमें बैठे नूरपुर के विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमले के प्रकरण में एक आरोपी के पिता की मौत पर हंगामा हो गया। ग्रामीणों थाने के सामने शव रखकर धरने पर बैठ गए। कुछ लोगों ने थाने में घुसकर तोड़फोड़ की भी कोशिश की। शव लेने पहुंची एंबुलेंस में तोड़फोड़ की गई। इंस्पेक्टर को घेर कर उनके साथ धक्का मुक्की की गई।
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थाने में बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस ने तीन दिन से उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा हुआ था और शुक्रवार को छोड़ा। पुलिस उत्पीड़न के सदमे से उनकी मौत हो गई। समाचार लिखे जाने तक हंगामा जारी था और अधिकारी ग्रामीणों और मृतक के परिवारीजनों से बात कर रहे थे।
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थाने में बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फजीहत से बचने और ग्रामीणों का गुस्सा देख पुलिस ने हवालात में बंद अन्य लोगों को आनन फानन में दूसरे थानों में शिफ्ट कर दिया। छह अगस्त को बिजनौर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पर राज्यमंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी और उसमें बैठे विधायक लोकेंद्र चौहान पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने जांच के बाद गांव डेहरी माहेश्वरी के नृपेद्र राठी का नाम आरोपियों में शामिल किया था।
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थाने में परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
आरोप है कि पुलिस ने नृपेंद्र की गिरफ्तार को दबाव बनाने के लिए उनके पिता जसवंत सिंह (65) को पुलिस ने तीन दिन से अवैध रूप से हिरासत में रखा हुआ था।
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थाने के बाहर खड़ी फोर्स
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शुक्रवार को नृपेंद्र राठी ने न्यायालय में पेश होकर अपनी जमानत करा ली, इसके बाद जसवंत सिंह को छोड़ा दिया गया। घर ले जाते समय रास्ते में इनकी तबीयत खराब हो गई।