छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शहीद हुए गांव पचेंडा निवासी सीआरपीएफ कोबरा विंग के डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। वहलना चौक से पचेंडा तक शहीद के काफिले पर पुष्पवर्षा की गई।
पचेंडा के जनता इंटर कॉलेज में शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर उनके घर ले जाया गया। घर पर मंगलवार को विकास का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजन फूट फूट कर रो पड़े। गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके दो वर्षीय बेटे केशव ने मुखाग्नि दी।
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शहीद जवान को सैल्यूट करते जवान
- फोटो : अमर उजाला
पार्थिव शरीर के साथ आईजी सीआरपीएफ सुभाषचंद्र व कोबरा विंग आईजी केके शर्मा के साथ ही कोबरा विंग के कमांडेंट सुधीर कुमार, 108 आरएएफ मेरठ से कमांडेंट राजेंद्र प्रसाद, आरएएफ महिला विंग से कमांडेंट मनोरमा, सहायक कमांडेंट धर्मेंद्र सिंह व नीरज और उप कमांडेंट अभिषेक कुमार समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। शहीद का पार्थिव शरीर पचेंडा पहुंचने पर जनता इंटर कॉलेज में रखा गया, जहां पूरे परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आईजी कोबरा विंग केके शर्मा ने शहीद की पत्नी पारुल सिंघल को राष्ट्रीय ध्वज प्रदान किया। शहीद की पत्नी पारुल ने दो साल के मासूम बेटे केशव के साथ पति को श्रद्धांजलि दी तो सभी की आंखें छलक उठीं। वहीं, शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देख मां मधु सिंघल बेहाल हो गईं, जिन्हें आरएएफ महिला विंग की कमांडेंट मनोरमा व अन्य महिला अफसरों ने संभाला।
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शहीद जवान की पत्नी पारुल
- फोटो : अमर उजाला
मौका मिला तो भर्ती होकर देश की सेवा करूंगी: पारुल
सीआरपीएफ कोबरा विंग के डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल की पत्नी पारुल ने पति की मौत के लिए उनके उपचार में हुई देरी को जिम्मेदार बताया है। पारुल का कहना है कि करीब 10.30 बजे विकास सिंघल घायल हुए थे, जिनकी नस कट जाने से खून बहना नहीं रुक रहा था। इसके बावजूद उन्हें रायपुर हॉस्पिटल ले जाने के लिए बुलाया गया।
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शहीद का अंतिम संस्कार करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
चॉपर करीब दो घंटे बाद पहुंचा, तब तक विकास का काफी खून बह चुका था। इसके चलते जब वे रायपुर हॉस्पिटल पहुंचे, तब उनका हीमोग्लोबिन मात्र तीन ग्राम रह गया था। यदि अफसर उन्हें अस्पताल ले जाने में तेजी करते तो विकास को बचाया जा सकता था। इस संबंध में उन्होंने सीआरपीएफ के आईजी व डीआईजी के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई है।