मेरठ में परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दी नगर में नाबालिग भतीजी ने जहां चाचा के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या कर दी थी। वहीं हत्यारोपी किशोरी और उसके चाचा की गिरफ्तारी पुलिस के लिए मुसीबत बन गई है। दोनों के मोबाइल भी घटना के बाद से बंद आ रहे हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि अजय ने चार दिन पहले ही अपने बड़े भाई की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। 26 दिसंबर से अजय फैक्ट्री में काम करने भी नहीं गया था। यहां तक कि नाबालिग भतीजी के प्रेम में पड़कर उसने अपने ही भाई को मौत के घाट उतार दिया। आगे जानें आखिर कैसे रची गई ये खौफनाक साजिश:-
यूपी: शादी के तीन माह बाद भतीजी पर आया चाचा का दिल, पत्नी को छोड़ रची बेहद खौफनाक साजिश
मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक परिवार 12 साल से शताब्दीनगर में किराए पर रह रहा है। शुक्रवार रात को 25 वर्षीय अजय ने अपने बड़े भाई की 17 वर्षीय बेटी के साथ मिलकर बड़े भाई की हत्या कर शव को खाली प्लॉट में फेंककर जला दिया था। पुलिस का कहना है कि किशोरी के अपने सगे चाचा अजय से अनैतिक संबंध बताए गये। किशोरी का पिता इसी बात को लेकर अजय से विरोध कर झगड़ा कर रहा था। जहां बेटी ने चाचा अजय के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतार दिया था।
फोरेसिंक एक्सपर्ट और परतापुर इंस्पेक्टर नीरज मलिक खुद जिस किराए के मकान में हत्या हुई है, वहां गहनता से जांच कर चुके है। ब्लड के सैंपल और फोरेंसिक साक्ष्य फोरेंसिक लैब भेजे गये हैं। पुलिस को कमरे के फर्श चार चारों तरफ ब्लड के निशान मिले थे, इसमें यही सामने आया कि शुक्रवार आधी रात के आसपास ही हत्या कर दी गई थी, क्योंकि ब्लड के निशान पूरी तरह से सूखे हुए मिले थे।
दीवार पर एक गेट के पास भी ब्लड के निशान मिले थे। पुलिस मौका ए वारदात देखकर यही मान रही कि कमरे में टार्चर कर किशोरी ने चाचा अजय के साथ मिलकर पिता की बेरहमी से हत्या की। धारदार हथियार भी नहीं मिला। जिससे पुलिस हत्या होना मान रही है। लेकिन परतापुर इंस्पेक्टर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आग से शरीर जलना आया है, क्योंकि शव को पूरी तरह से जला दिया गया था।
घटना की जानकारी ली
इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक रविवार को फिर से जांच करने शताब्दीनगर में पहुंचे, जिस मकान में हत्या की गई थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी ली। वहीं हत्यारोपी अजय के मझले भाई जो केस का वादी है, उससे भी पूछताछ की। पुलिस की जांच में सामने आया कि अजय दिल्ली रोड स्थित एक रबड़ फैक्ट्री में काम करता था। 26 दिसंबर के बाद अजय फैक्ट्री में काम पर नहीं पहुंचा। पुलिस की जांच में सामने आया कि अजय ने 26 को ही हत्या की प्लानिंग बना ली थी, कि उसे बड़े भाई की हत्या करना है।