बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या करने के बाद सुनील राठी पश्चिमी यूपी का बड़ा बदमाश बन चुका है। अब सियासत में भी पैर पसारने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी उसकी नजर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर है और वह अपने परिवार और समर्थकों को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा है। जेल से उसकी लगातार धमकी भरी चिट्ठियां आने से बागपत के आम लोगों में जहां खौफ है वहीं, नेताओं में खलबली मची हुई है। उसके शूटर भी बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ में वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इससे कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आगे जानिए पूरा अपडेट-
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भाजपा विधायक योगेश धामा के साथ पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विधायक योगेश धामा को धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद बागपत की राजनीति में भूचाल आ गया है। विधायक योगेश धामा का परिवार लंबे समय से जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज है। वर्तमान में उनकी पत्नी रेणू धामा जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
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पुलिसकर्मियों के साथ कुख्यात सुनील राठी
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चौगामा क्षेत्र के वार्ड संख्या एक, दो और तीन को योगेश धामा की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। वह खुद वार्ड एक, रेणू धामा वार्ड दो और विधायक की भाभी वार्ड तीन से सदस्य चुने गए थे। सुनील राठी अपनी मां राजबाला चौधरी और परिवार के अन्य सदस्यों को इन्हीं वार्ड से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में ये वार्ड फिलहाल चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। सत्ताधारी दल के विधायक को सुनील राठी की धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद से बागपत की राजनीति में भूचाल है।
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परमवीर तुगाना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे परमवीर तुगाना की हत्या हो चुकी है और आरोप सुनील राठी गैंग पर लगा है। बताया जा रहा है कि तुगाना भाजपा विधायक धामा का करीबी था। बागपत में चर्चा तो यह भी है कि सुनील राठी जिला पंचायत चुनाव से लेकर विधायकी तक में अपने परिवार के लोगों को लड़ाने की पूरी तैयारी कर रहा है। सवाल उठता है जेल में बंद कुख्यात ने बागपत जिले में अपना बोलबाला कैसे कर लिया? सुनील राठी के नाम से लगातार मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर में धमकी भरी चिट्ठियां आ रही हैं। जिसको लेकर पुलिस में भी खलबली मची है।
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कुख्यात सुनील राठी को पेशी पर ले जाती पुलिस
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19 मार्च को खुलकर सामने आया सुनील राठी
सुनील राठी को 19 मार्च को पेशी पर लाया गया था। राठी ने बदरखा के खनन पट्टे को रिश्तेदार का बताया था। कहा था कि राजनीतिक दबाव में खनन पट्टे की गलत जांच कर गलत जुर्माना लगाया गया है, वह न्यायालय में चुनौती देगा। दोबारा जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।