समरजहां मर्डर केस: मुजफ्फरनगर से जुड़े हो सकते हैं हत्या के तार, ऐसे हुआ प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
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कुछ माह पूर्व दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था, जो थाने तक भी पहुंचा, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। वहीं देहरादून पुलिस ने उक्त दोनों बिंदुओं को जांच में शामिल करते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस से सहयोग मांगा है। मुजफ्फरनगर पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अगली सलाइडों में जानिए:-
आठवीं पास समरजहां शादी से पहले ही दवा कारोबार से जुड़ी और इसी दौरान वह दवा विक्रेता राकेश कुमार गुप्ता के संपर्क में आई थी। समरजहां का निकाह गाजियाबाद के दादरी इलाके में हुआ था, लेकिन वह ससुराल में एक माह ही रह पाई थी। तलाक के बाद समरजहां दवा विक्रेता के साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगी थी। ढाई साल वह रुड़की में रही और कुछ ही दिन पहले देहरादून आई थी। मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से खंगाली गई पारिवारिक पृष्ठभूमि में कई चौंकाने वाली बात सामने आई हैं।
मंगलवार रात सहस्त्रधारा रोड पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर समरजहां की हत्या कर दी थी। समरजहां उर्फ रिहाना पुत्री रईस शुरुआत से ही कॅरियर को लेकर बेहद महत्वाकांक्षी प्रवृत्ति की थी। मुजफ्फरनगर में न्याजूपुरा निवासी समरजहां उर्फ रिहाना के पिता बिजली का काम करते हैं। तीन बहनों और दो भाइयों में समरजहां बड़ी थी। परिवार में आर्थिक संकट के चलते समरजहां ने मेडिकल एजेंसी संचालक से जुड़कर दवा सप्लाई करने का काम किया। इसी दौरान वह मुजफ्फरनगर निवासी दवा विक्रेता राकेश कुमार गुप्ता के करीब आई। इसी बीच समरजहां का निकाह दादरी निवासी मुमताज से हो गया। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला। एक माह बाद ही समरजहां मायके लौट आई और उनके बीच तलाक हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दवा कारोबारी राकेश गुप्ता ने समरजहां को रुड़की में मकान उपलब्ध कराया था।