मेरठ में भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा की घेराबंदी के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी। विवेचक सीओ क्राइम और उनकी टीम इंस्पेक्टर के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी है। गोपनीय तरीके से उसकी संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर को 15 अगस्त को मिला गैलेंट्री अवार्ड भी वापस हो सकता है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीजीपी और शासन को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की भी कार्रवाई हो सकती है।
वर्दी वाले के बड़े कारनामे: जल्द होगी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी, वापस लिया जाएगा वीरता पदक, जांच में खुलेंगे गहरे राज
मेरठ पुलिस ने मुकदमा और कार्रवाई के बारे में डीजीपी को अवगत करा दिया है। जिसके बाद इंस्पेक्टर सदर बाजार की पोस्टिंग कहां-कहां पर हुई, इसकी भी पड़ताल शुरू हो गई। इंस्पेक्टर के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में पहले कोई शिकायत है या नहीं, इसके बारे में बिजनौर, मुरादाबाद समेत कई जनपदों से जानकारी ली जा रही है। दिल्ली के शातिर अपराधी शिवशक्ति नायडू के एनकाउंटर में इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को 15 अगस्त पर गैलेंट्री अवार्ड मिला था। रिश्वतखोरी के मामले में फंसने के बाद यह वीरता पुरस्कार वापस हो सकता है। भ्रष्टाचार के मुकदमे की रिपोर्ट शासन को मेरठ पुलिस ने भेज दी है, उसी आधार पर गैलेंट्री अवार्ड वापस कराने की बात चल रही है।
संपत्ति की भी जांच पड़ताल शुरू
इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा और हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह की संपति की भी जांच शुरू हो गई है। बताया गया कि मनमोहन सिंह की पोस्टिंग लालकुर्ती थाने में थी, बिजेंद्र सिंह राणा ने ही सदर बाजार थाने में उसकी पोस्टिंग कराई थी। दोनों बेहद करीबी थे। दोनों की बिजनौर जिले में भी एक साथ पोस्टिंग थी। चर्चा है कि सोतीगंज में कबाड़ियों पर कार्रवाई के दौरान भी सदर पुलिस ने मोटी रकम वसूली है।
सदर के साथ दूसरे थाने भी निशाने पर
सदर थाने के बाद अब दूसरे थाने भी एसएसपी के निशाने पर हैं। एसएसपी ने साफ कहा कि अगर किसी भी थाने में भ्रष्टाचार की शिकायत आई तो कार्रवाई करूंगा। इसको लेकर पुराने मुकदमे की निगरानी सर्किल के सीओ करेंगे। कई मामले में दरोगाओं ने रुपये लेकर मुकदमे में धाराओं में बड़ा खेल किया है। जिसकी शिकायत एसएसपी के पास पहुंची है।
वाहन चोरी के मुकदमे में खेल
ट्रक और अन्य वाहनों की चोरी के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर बीमा क्लेम लेने के मामले में पुलिस की भूमिका सामने आई। अब बिना सीओ की जानकारी में डाले वाहन चोरी के मुकदमे नहीं किए जा सकेंगे और न ही एफआर लगाई जा सकेगी।
दिनभर सन्नाटा, दहशत में पुलिस वाले
सदर बाजार थाने का प्रभारी अभी नियुक्त नहीं हुआ है। गुरुवार को भी सदर थाने में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और पुलिस वाले दहशत में दिखाई दिए। इस भ्रष्टाचार के मामले में न जाने किस किस पर गाज गिरेगी, इसको लेकर थाने में अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। वहां पर पुलिस काम करने को भी तैयार नहीं है।
एसएसपी बोले, इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करेंगे
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को गिरफ्तार करेंगे। विवेचक के पास उसके खिलाफ गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इस संबंध में विवेचक इंस्पेक्टर से पहले पूछताछ भी कर सकते हैं। ट्रक मालिक इमरान के भी बयान लिए जाएंगे।