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एक्सक्लूसिव: हर रोज 60 हजार लीटर नकली पेट्रोल-डीजल बना रहे थे माफिया, अब हुए कई बड़े खुलासे

Sat, 24 Aug 2019 04:31 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 24 Aug 2019 04:31 PM IST
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Meerut Fake Petrol-Diesel Case: Mafia used to make 60 thousand fake petrol and diesel every day
नकली पेट्रोल-डीजल का मामला - फोटो : अमर उजाला

नकली पेट्रोल-डीजल बनाने के काले खेल की परतें लगातार उधड़ती जा रही हैं। माफिया की दो फैक्टरियों से रोजाना करीब 60 हजार लीटर नकली तेल बन रहा था, जो कि 1.40 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल में मिलाया जाता था। इस तरह रोज दो लाख लीटर मिलावटी तेल बनाकर पंपों पर सप्लाई किया जा रहा था। एसआईटी की जांच अगर ठीक से हो जाए तो कई सफेदपोश, पुलिस-प्रशासन के अफसरों के नाम इस खेल में उजागर हो सकते हैं। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-

Meerut Fake Petrol-Diesel Case: Mafia used to make 60 thousand fake petrol and diesel every day
नकली पेट्रोल-डीजल मामला - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के पेट्रोल पंपों पर रोजाना 4.75 लाख लीटर तेल बेचा जाता है। एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) प्रभारी अविनाश पांडेय (एसपी देहात) ने शुक्रवार को जांच शुरू करा दी। टीम में शामिल दो इंस्पेक्टरों को अपने ऑफिस में बुलाकर बात की। बताया गया कि राजीव जैन और प्रदीप गुप्ता की केमिकल फैक्टरी में थिनर, सॉल्वेंट और बैंजीन केमिकल में फूड कलर मिलाकर रोजाना करीब 60 हजार लीटर नकली तेल तैयार किया जा रहा था। पेट्रोल पंपों पर ऑयल कंपनियों के डिपो से आने वाले पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर दोनों तेल माफिया की फैक्टरी पर जाते थे। एक टैंकर (12 हजार लीटर) से 30 फीसदी या उससे अधिक तेल निकालकर उसमें उतना ही नकली तेल भर दिया जाता था। इसके बाद ये टैंकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचाए जाते थे।

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Meerut Fake Petrol-Diesel Case: Mafia used to make 60 thousand fake petrol and diesel every day
नकली पेट्रोल-डीजल मामला - फोटो : अमर उजाला

कई जांच के घेरे में
दो लाख लीटर मिलावटी तेल रोजाना पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने तक कितने विभागों के अधिकारी शामिल हैं, इसकी जांच बेहद जरूरी है। पुलिस, आपूर्ति विभाग, ऑयल कंपनी की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। एसआईटी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की भूमिका तलाशनी शुरू कर दी है।

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Meerut Fake Petrol-Diesel Case: Mafia used to make 60 thousand fake petrol and diesel every day
नकली पेट्रोल-डीजल का मामला - फोटो : अमर उजाला

लाल डायरी खोलेगी काले कारनामे
टीपीनगर थानाक्षेत्र में पारस केमिकल फैक्टरी में छापे के दौरान पुलिस को एक लाल डायरी हाथ लगी थी। पुलिस की फैंटम से लेकर दरोगा, जिला आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टरों तक के नाम इसमें लिखे हैं। यह भी साफ-साफ लिखा है कि किसको कितना पैसा जाता है। डायरी के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ हो सकती है। डायरी को एसआईटी से दूर रखने की बात सामने आ रही है, जिससे पुलिस सवालों के घेरे में है।

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पेट्रोल पंप पर जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच 
पुलिस का दावा है कि नकली तेल मेरठ में 10 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई होता था। जेल भेजे गए दस आरोपियों समेत 13 लोगों के मोबाइल की पुलिस कॉल डिटेल निकलवा रही है। इससे पोल खुलेगी कि किस-किस पेट्रोल पंप पर नकली तेल खपाया जा रहा था।

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