मेरठ में बवालियों ने मुंह पर नकाब बांधकर जमकर पथराव किया और अवैध असलहों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। बवालियों के निशाने पर पुलिस- प्रशासन था। आगे देखिए तस्वीरें-
मुंह पर नकाब बांधकर बवालियों ने खूब बरसाईं गोलियां, जमकर किया पथराव, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने निकले लोगों से अलग कुछ बवालियों ने पुलिस-प्रशासन के तमाम दावों को पलीता लगा दिया। इस बवाल से करोड़ों की क्षति होना बताया गया। बवालियों द्वारा की फायरिंग में आरएएफ के जवान बीडी शुक्ला, अनुज कुमार, बलजीत कौर और सिपाही अंकित राठी को गोली लगी। पुलिस बवालियों को रोकने में लगी थी, लेकिन भीड़ बहुत उग्र थी। सभी बवाली 20 और 25 साल की उम्र के थे।
सीएए के विरोध में मेरठ में शुक्रवार को हुए बवाल ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। भूमिया पुल से लिसाड़ीगेट की तरफ डिवाइडर पर लगी ग्रिल को भीड़ ने उखाड़कर सड़क के बीचोबीच फेंक दिया। पुलिस-प्रशासन ने लोगों को शांत करने के लिए तमाम प्रयास किये, लेकिन भीड़ उग्र हो गई।
हथियार और पेट्रोल की बोतलें लेकर सड़क पर उतरे बवालियों ने मुंह पर नकाब बांधकर पुलिस पर पथराव और फायरिंग करनी शुरू कर दी। उसके बाद तनाव फैलता चला गया। बवालियों ने पुलिस फोर्स पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिस पर पुलिस-प्रशासन में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने जवाब में आंसू गैस गोले छोड़े। लेकिन बवाली उस समय कंट्रोल नहीं हो पाए।
बाहर से आए बवाली
लोगों ने दावा किया कि बवाली बाहर से आए हैं। यहां कोई बवाल नहीं करना चाहता। लेकिन मौके पर ऐसे हालात थे कि लिसाड़ी गेट की कुछ गलियों से निकली भीड़ ही पथराव कर रही थी और गोलियां चला रही थी। तीन लोगों की जिंदगी बवाल की भेंट चढ़ गई। सबसे ज्यादा हालात हापुड़ रोड व लिसाड़ी गेट क्षेत्र के खराब थे, जहां बवाली बेकाबू हो गए थे। पुलिस फोर्स उनको रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन उनकी भीड़ लगातार बढ़ने लगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/