जानलेवा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से पूरे देश-दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में भी पिछले तीन दिनों से संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। मेरठ में मरने वालों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जनपद में अब तक कोरोना के 178 मरीज मिल चुके हैं, जबकि कोरोना से नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मंगलवार को कोरोना से मौत का एक ऐसा मामला सामने आया, जिससे हर कोई भावुक हो गया। पति का आखिरी बार भी चेहरा नहीं देख पाई पत्नी-
मेरठ में कोरोना का कहर, अब तक नौ लोगों की मौत, आखिरी बार पति का चेहरा नहीं देख सकीं पत्नी, भावुक तस्वीरें
आखिरी बार भी पति का चेहरा नहीं देख पाई पत्नी
प्रवीण की मौत के बाद पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल था। कोरोना की पुष्टि के बाद प्रवीण का शव भी सीधे सूरजकुंड श्मशान घाट ले जाया गया। पत्नी सूरजकुंड पहुंची, लेकिन आखिरी दर्शन भी नहीं कर पाई। दूर खड़ी दहाड़ें मारकर रोती बिलखती रही।
भाइयों को लग रहा डर
प्रवीण के भाई ने कहा कि अब हमारा भी टेस्ट कराया जाएगा। अगर संक्रमण निकला तो भर्ती भी कराया जाएगा। डर लग रहा है कि मेडिकल कॉलेज में कैसे भर्ती होंगे। प्रवीण के परिवार में पत्नी के अलावा पांच भाई और बाकी सदस्य हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि प्रवीण को बचाने की तमाम कोशिशें की गई, लेकिन नाकाम रहे।
शिवशक्तिनगर, खत्ता रोड, ब्रह्मपुरी निवासी प्रवीण (30) पहले प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। उसके भाई ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से वह घर पर ही मास्क बनाने लग गया था। तीन दिन पहले प्रवीण को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। जिसके बाद उसे रोहटा रोड के निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां से तीन दिन की दवाई दी गई थी, लेकिन उसे आराम नहीं हुआ।
जो बचाने के जतन में जुटा था, मौत उसे ही उठा ले गई
प्रवीण कोरोना संक्रमण से लोगों की जान बचाने की जतन में जुटा था। वह मास्क बनाता था, ताकि लोग संक्रमण की चपेट में न आ पाएं और उसकी आजीविका भी चल जाए। लेकिन, खुद कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया। न तो उसे और न ही परिवार को पता चल पाया। अचानक मौत आई और उसे उठा ले गई।