मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी में रहने वाले दुष्यंत की बहन की शादी थी। इस शादी में बहन की दोस्त फरहा भी पहुंची। दुष्यंत की फरहा से मुलाकात मोहब्बत में बदल गई। लेकिन दुष्यंत को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये मोहब्बत ही उसे मौत के रास्ते पर लेकर जा रही है। फरहा से मुलाकात के बाद से जैसे दुष्यंत की जिंदगी बदलने लगी। उसने यहां तक कि अपनी बहन और जीजा से भी रिश्ता खत्म कर लिया।
धर्म परिवर्तन का मामला: फरहा से मुलाकात के बाद बदलने लगी थी दुष्यंत की जिंदगी, बहन से भी तोड़ दिया था रिश्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र की चित्रकूट कॉलोनी निवासी दुष्यंत उर्फ फैज (25) पुत्र स्वर्गीय संजीव चौधरी ने रविवार सुबह 4:30 बजे पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद दुष्यंत के चचेरे भाई जॉनी की तहरीर पर पत्नी फरहा, साला अमजद, ससुर हनीफ सहित अन्य लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। दुष्यंत ने दूसरे समुदाय की युवती से तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। परिजनों का आरोप है कि धर्म परिवर्तन कराने के दबाव में उसने यह कदम उठाया है। वहीं, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने थाने पर हंगामा कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मेरठ की चित्रकूट कॉलोनी में दुष्यंत का 15 जनवरी को ही जन्मदिन था। फरहा ने उसको मोबाइल फोन गिफ्ट में दिया था। दोनों ने एक होटल में जाकर साथ में खाना भी खाया था। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे। दोनों अलग-अलग रहने के बावजूद रात में घंटों तक बातें करते थे। वहीं, एसएसपी कार्यालय पर हिंदूवादी संगठनों ने हंगामा किया।
दुष्यंत के परिजनों की तहरीर पर जांच में जुटी नौचंदी थाना पुलिस को प्राथमिक तौर पर पता चला है कि फरहा और दुष्यंत अपनी-अपनी जिद पर अड़े हुए थे। दुष्यंत उसे अपने घर लाना चाहता था और फऱहा उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही थी। इसी से तंग आकर दुष्यंत ने चित्रकूट कॉलोनी स्थित अपने ही घर में रविवार की सुबह फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक दुष्यंत के परिजनों ने उसकी पत्नी फरहा, ससुर हनीफ, सास, साला अमजद इब्राहिम और फरहा की बहनों समेत 7-8 अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस को पूछताछ में फरहा ने बताया है कि 15 जनवरी को दुष्यंत का जन्मदिन था। उस दिन उन दोनों की मुलाकात हुई थी और एक साथ उन्होंने होटल में खाना भी खाया था। जन्मदिन के मौके पर फरहा ने दुष्यंत को एक मोबाइल भी गिफ्ट में दिया था।
बहन से तोड़ दिया था रिश्ता
बहन ने भी दुष्यंत को कई बार समझाया था कि फरहा ठीक लड़की नहीं है। वह उसका साथ छोड़ दें। उसने फरहा का साथ नहीं छोड़ा, बल्कि बहन और जीजा से ही बात करना बंद कर दिया था। बहन जब मायके आती थी तो वह उससे बात भी नहीं करता था।