मेरठ में छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। यहां गगोल तीर्थ, रामताल वाटिका सहित आठ स्थानों पर शनिवार शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया की पूजा की गई। सिर पर टोकरी रखकर व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ तालाब किनारे पहुंचीं। जहां तालाब नहीं थे वहां स्वीमिंग पूल में ही पूजा की गई। शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं उनसे सुबह जल्दी उगने की प्रार्थना करती हैं। रविवार को सवेरे उठकर उगते सूरज को अर्घ्य दिया गया। भारी संख्या में श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पहुंचे।
छठ पर्व: उगा हो सुरुजदेव भिन भिनसरवा, अरघ केर बेरवा..., उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ छठ पर्व
इससे पहले शनिवार को महिलाओं ने तालाब किनारे वेदी तैयार की। यहां अगरबत्ती, धूप, चंदन, चार बत्ती वाले दीपक से छठ मैया की आरती की गई। प्रसाद रखने के लिए बांस की दो टोकरी, बांस के बने तीन सूप, लोटा, थाली, दूध और जल के लिए गिलास, नए वस्त्र, कुर्ता, पाजामा, साड़ी, चावल, सिंदूर, बड़ा दीपक, नारियल, गन्ना, सुथनी, शकरकंदी, हल्दी, अदरक का पौधा, नाशपाती चढ़ाकर छठ मैया की पूजा की गई। महिलाओं ने जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।
छावनी स्थित रामताल वाटिका पर लंबे समय छठ पूजन का आयोेजन हो रहा है। परंपरागत रूप से यहां महिलाएं सिर पर टोकरी रखकर पूजन के लिए पहुंचीं। ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता 25 साल से निरंतर व्रत रख रही हैं।
राजीव सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ऊषा देवी ने परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखा। व्रती सुमन मिश्रा, व्रती मीरा देवी आदि सैकड़ों महिलाओं ने विधि विधान से पूजन किया। इस दौरान डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। रामताल वाटिका में मेले का माहौल रहा। दोपहर तीन बजे से ही रामताल वाटिका पर लोगों का आना शुरू हो गया।
सीसीएसयू कैंपस में हुई पूजा
सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एके चौबे के आवास पर सामूहिक छठ पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां काफी संख्या में व्रती महिलाएं पहुंचीं। प्रतिमा चौबे, सुनीता पांडेय, अपर्णा सिंह, मंजू मिश्रा ने बताया कि रविवार सुबह तीन बजे से ही पूजन शुरू हो जाएगा। सूर्योदय से आधा घंटे पूर्व महिलाएं जल में सूर्य देव के दर्शन के लिए व्रती पानी में खड़ी हो जाएंगी। सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण होगा।
गूंजे धार्मिक गीत
पल्लवपुरम फेज दो उदय सिटी फव्वारा ताल पर पूजा का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष ललित पिंडारुच ने किया। इस बार व्रती महिलाआें की संख्या अधिक रही। हिंदी मैथिली भजनों की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। पल्लवपुरम फेज टू पर माधुरी डांस एकेडमी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।