मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 661/6 के ध्वस्तीकरण के करीब महीने भर बाद जिंदगी अब पटरी पर आने लगी है। करीब तीस फुट ऊंचे मलबे के ढेर पर अब ध्वस्त दुकानों के बोर्ड लगने लगे हैं। यह दुकानें सभी आसपास ही शिफ्ट हो गई हैं। सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण में 661/6 में कौन कौन सी दुकानें थीं।
2 of 6
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के विरोध में कई दिनों का बंद रही मार्केट।
सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल मार्केट के इस आवासीय भूखंड पर बने व्यावसायिक कांप्लेक्स को तीन माह में खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त कराने का आदेश दिया था। यह भूखंड 1986 में आवासीय उपयोग के लिए आवंटित हुआ था, जहां व्यावसायिक कांप्लेक्स के रूप में अवैध निर्माण बढ़ता गया।
3 of 6
सेंट्रल मार्केट में कई दिन तक चला धरना
- फोटो : अमर उजाला
आवास विकास परिषद ने 1990 में नोटिस देकर इसे गिराने को कहा था, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद आखिरकार काम्प्लेक्स बचाने की व्यापारियों की दलील हार गईं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी किसी व्यापारी ने दुकान से सामान नहीं हटाया। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना का वाद सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया।
4 of 6
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण
- फोटो : अमर उजाला
छह अक्टूबर को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव, आवास आयुक्त, डीएम, एसएसपी, आवास विकास के अधिकारियों और उक्त कांप्लेक्स के नौ व्यापारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इसके बाद 25 अक्तूबर को ध्वस्तीकरण शुरू हुआ और दो दिन में इमारत जमींदोज हुई।
5 of 6
सेंट्रल मार्केट में सांसद, विधायक और महापौर ने दिया आश्वासन
इमारत गिरने के साथ ही 22 दुकानों के मालिक एकाएक सड़क पर आ गए। व्यापारियों ने धरना दिया, जिसके बाद कैंट विधायक अमित अग्रवाल की ओर से मार्केट को नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत स्ट्रीट बाजार विकसित करने को आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें अलंकार साड़ीज, सरदार जी, खालसा एक्सक्लूसिव, टॉम एंड जैरी, अर्बन ठेका रेस्टोरेंट, डा. संजय गुप्ता का क्लीनिक, ड्राइक्लीनर्स आदि शामिल थे।