शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में सील किए गए 44 भवनों में से छह को बुधवार को भारी फोर्स की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ये सभी आवासीय संपत्तियां थीं, जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं था और बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध निर्माण किए गए थे। ध्वस्त की गई छह संपत्तियों में एक बैंक्वेट हॉल और पांच कॉम्प्लेक्स शामिल थे। इन कॉम्प्लेक्स में करीब 35 दुकानें थीं।
2 of 30
पुलिस रही तैनात।
- फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई के दौरान सुबह छह बजे ही शास्त्रीनगर से जुड़े रास्तों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। इससे स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। बिजली आपूर्ति भी काट दी गई थी। सुबह सवा सात बजे से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया।
3 of 30
सुबह ही हो गई फोर्स की तैनाती।
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले 14 जुलाई के ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन में आवास एवं विकास परिषद की ओर से यह कार्रवाई की गई। सुबह से ही इलाके में भारी फोर्स तैनात कर बुलडोजर लगाए गए। इसके बाद सील भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई।
4 of 30
सामान निकाल लिया था बाहर।
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने किया विरोध, अधिकारियों से हुई वार्ता
कार्रवाई के दौरान मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष और जगदंबा अस्पताल के मालिक रविंद्र गुर्जर, भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितेश पंवार समेत कुछ व्यापारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें बाजार में ही एक आवास में बैठा दिया।
5 of 30
व्यापारियों की एक नहीं सुनी गई।
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम सिटी, एसपी सिटी और मजिस्ट्रेट ने उनसे वार्ता की। इसी बीच निर्माण तोड़ने के लिए बड़ी पावर क्लीन मशीन लगाई जाने लगी। मशीन को देखकर व्यापारियों में खलबली मच गई।