चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर बीते दिनों हुए बड़े हादसे के चंद दिनों बाद ही मंगलवार सुबह फिर से एक कार गंगनहर में डूब गई। बताया जा रहा है कि इससे पहले तकरीबन बीस से भी ज्यादा जिंदगियां नहर में समा चुकी हैं। आज सवेरे भी सरधना क्षेत्र के नजदीक गंगनहर पटरी पर एक कार अनियंत्रित होकर नहर में समा गई। आगे तस्वीरों में देखें क्यों मौत की नहर बन चुकी है गंगनहर:-
मेरठ से सटे सरधना क्षेत्र के सलावा गांव में रहने वाले हुकुम सिंह के परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपने परिवार के साथ अपने एक रिश्तेदार के घर तेहरवीं के आयोजन में शामिल होने जा रहे थे कि अचानक गंगनहर पटरी पर चलते हुए कार का नियंत्रण खो गया और कार नहर में जा गिरी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और लोगों को नहर से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार तीन लोगों को नहर से बाहर निकाला गया और कंकरखेड़ा के कैलाशी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंगनहर में अभी एक महिला समेत कई लोग लापता हैं। इसके अलावा एक बच्ची व महिला को सुरक्षित बचा लिया गया।
पुलिस के मुताबिक हुकुम सिंह पुत्र राकेश, अनिल पुत्र हुकुम सिंह व सीमा पत्नी संजय की नहर में डूबने से मौत हो गई है जबकि हुकुम सिंह की पत्नी माया व उसकी एक साल की बच्ची परी को सुरक्षित बचा लिया गया। सुनील की पत्नी राधा अभी भी लापता हैं। पुलिस जांच में जुटी है।
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गंगनहर में कार की तलाश करती टीम
गौरतलब है कि पिछले दस दिनों के भीतर ये दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले पिछले सप्ताह गुरुवार को कांवड़ मार्ग पर पूठ गंगनहर के पुल के पास नोएडा की एचसीएल में काम करने वाले इंजीनियर की स्विफ्ट डेजायर कार अनियंत्रित होकर गंगनहर में जा गिरी थी। किसी तरह गुरनीक कौर व विशाल तो तैर कर बहार आ गये, लेकिन कार चला रहा इंजीनियर नितिन गुप्ता कार के साथ ही पानी में समा गया। कई दिन बाद नहर से उसका शव बरामद किया जा सका।