मेरठ में हापुड़ रोड पर हुए बवाल से तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। जिस तरह से 12 साल तक के बच्चों को प्रदर्शन में शामिल किया गया। 15 से 20 साल तक के युवाओं को बवाल में आगे रखा गया। यह सब अचानक से संभव नहीं था। यह पहले से तय प्लानिंग लग रही थी। आगे तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
2 of 6
पथराव करते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
आखिर किसने इस साजिश को अंजाम दिया। किसने युवाओं को बरगलाकर शहर के हालात बिगाड़े। इसको लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है।
3 of 6
12 साल के बच्चे ने बांधी हुई थी काली पट्टी
- फोटो : अमर उजाला
शहर में दोपहर तक सब कुछ सामान्य था। कहीं से बवाल की कोई सूचना नहीं थी। लेकिन जुमे की नमाज के बाद अचानक से कोतवाली, ब्रह्मपुरी, लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर भीड़ सड़कों पर आ गई। इस भीड़ में 12 साल तक के बच्चे भी थे। इनके हाथ पर काली पट्टी बंधी थी, लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि वे भीड़ के साथ क्यों जा रहे हैं। हर जगह भीड़ में युवा ही आगे नजर आए।
4 of 6
पथराव करते उपद्रवी
- फोटो : अमर उजाला
हापुड़ रोड पर सैकड़ों की भीड़ सड़क पर आई तो युवाओं ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। वाहनों में तोड़फोड़ कर डाली। आगजनी की। इसके बाद यहां पर हालात बेकाबू हो गए।
5 of 6
पथराव करते उपद्रवी
- फोटो : अमर उजाला
बेकसूर युवाओं का किया इस्तेमाल
सैकड़ों की भीड़ अचानक से जमा नहीं हुई। इसके पीछे जरूर प्लानिंग है। माना जा रहा है कि माहौल बिगाड़ने की यह साजिश पहले ही रची जा चुकी थी। इसमें पर्दे के पीछे रहकर शातिर लोगों ने उन बेकसूर युवाओं को प्रयोग किया, जिनको नागरिक संशोधन कानून के बारे में कुछ नहीं पता।