मेरठ में बवाल में एक सपा नेता और एक अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इन दोनों की इसे लेकर बातचीत होना भी बताया गया है। हालांकि इसको लेकर शहर में अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। यह भी चर्चा है कि बवाल के बाद माहौल शांत करने के लिए इस अधिकारी से मदद मांगी गई है। इसकी शिकायत शनिवार को लखनऊ में की गई। पुलिस का कहना है कि जल्द इसका खुलासा होगा।
मेरठ बवाल में सपा नेता व एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, शासन से शिकायत, पहले चर्चा में रहे हैं दोनों
मेरठ में शुक्रवार को बवाल पूरी प्लानिंग के साथ हुआ। जिसमें एक सपा नेता का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि सपा नेता की एक अधिकारी से सेटिंग थी। जिसके जरिये इसकी प्लानिंग बनाई गई।
बवाल में पांच युवकों की मौत के बाद सपा नेता से पुलिस ने संपर्क किया। बवाल रोकने में भी उसकी मदद मांगी गई। शनिवार को उक्त सपा नेता और अधिकारी की भी बातचीत हुई है। जिसकी जानकारी लगने पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि इसकी शिकायत लखनऊ में की गई। उक्त अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।
पहले भी सुर्खियों में रहे दोनों
मेरठ में पहले भी सपा नेता और उक्त अधिकारी के संबंधों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। पहले भी दोनों काफी सुर्खियों में रहे हैं। एक बवाल को लेकर दोनों की भाजपा के नेताओं ने लखनऊ में शिकायत की थी। जिसके बाद अधिकारी पर गाज गिरी थी। अब फिर इसको लेकर शहर में चर्चाएं चल रही हैं।
शहर विधायक का किया विरोध
मेरठ में शनिवार को लिसाड़ी गेट में भीड़ ने शहर विधायक रफीक अंसारी का विरोध कर दिया। शुक्रवार को बवाल में मारे गए आसिफ और अलीम के शव पोस्टमार्टम के बाद लिसाड़ी गेट में पहुंचे तो वहां परिजनों में कोहराम मच गया। इस दौरान वहां काफी लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी।
इस बीच वहां पहुंचे शहर विधायक रफीक अंसारी वहां सांत्वना देने पहुंचे तो भीड़ ने उनका विरोध कर दिया। भीड़ ने विधायक से सवाल किया कि वे शुक्रवार को कहां थे। उस समय मौके पर क्यों नहीं पहुंचे थे। इस पर कुछ लोगों ने बीचबचाव कराया, जिसके बाद विधायक वहां से चले गए। इसको लेकर काफी देर तक चर्चाएं चलती रहीं।
सभी युवकों के शवों को कड़ी सुरक्षा में सुपुर्द-ए-खाक कराया है। बवालियों को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। हालात सामान्य हैं। सभी जगह पुलिस फोर्स तैनात है। -अजय साहनी, एसएसपी