मेरठ के खैरनगर में भाई-बहन की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने बच्चों की मां निशा व पूर्व पार्षद सऊद फैजी सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा कर दिया। दोनों बच्चों के शव रोहटा रोड स्थित पूटखास गंग नहर से बरामद हो गए। वहीं वारदात में शामिल सऊद के बारे में लगातार नए राज खुल रहे हैं। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि निशा बेग और पूर्व पार्षद सऊद फैजी तीन महीने पहले ही बच्चों को मारकर निकाह करने का प्लान बना चुके थे, लेकिन उन्हें इसके लिए सही मौका नहीं मिल रहा था। आखिरकार बुधवार की रात को दोनों का प्लान कामयाब हो गया और दोनों बच्चों को मौत के घाट उतार डाला गया।
भाई-बहन मर्डर केस: पूर्व पार्षद के खुले ऐसे राज, पुलिस अफसर भी हैरान, देशद्रोह का आरोपी रहा है सऊद
हिस्ट्रीशीटर बदर अली (युवा सेवा समिति अध्यक्ष) की पार्टी से सऊद फैजी वार्ड-65 से पार्षद बना था। 20 दिसंबर 2019 को मेरठ में सीएए के विरोध में हिंसा हुई थी। उसमें सऊद फैजी ने लोगों को भड़काने का काम किया था।
उसके खिलाफ देहलीगेट थाने में देशद्रोह की धारा में मुकदमा हुआ था। वह अग्रिम जमानत ले आया था। दो बच्चों की हत्या के बाद देहलीगेट पुलिस ने सऊद और बदर अली का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें पता चला कि सऊद ने दो साल पहले बदर अली की पार्टी छोड़ दी थी। उसके कई महिलाओं से संबंध हैं। पार्षद बनने के बाद सऊद और निशा की मुलाकात हुई।
निशा को मां कहता था सऊद
मृतक बच्चों के पिता शाहिद का कहना कि सऊद और आरिफ का अक्सर घर पर आना-जाना लगा रहता था। सऊद निशा को मां कहता था तो कभी किसी को शक भी नहीं हुआ। यदि निशा और सऊद निकाह करना चाहते थे तो कर लेते। उन्हें कौन रोक रहा था। मेरे बच्चों को तो न मारते। शाहिद का बेटा मेराब भी सऊद को भैया कहता था।
हत्यारोपियों पर लगेगा गैंगस्टर
सीसीटीवी में कार में शवों को रखते, मोबाइल की सीडीआर में निशा-सऊद की बातचीत व नामजद सभी आरोपियों के बयानों की वीडियोग्राफी को पुलिस ने सुबूत बनाया है। जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों पर गैंगस्टर लगाएगी। आरोपियों की निशानदेही पर मेराब का शव गंगनहर से बरामद हुआ। जिस कार्टून में दोनों बच्चों के शवों को ले जाया गए है। एसपी सिटी ने बताया कि निशा ने अपनी उम्र 36 और पति की उम्र 52 साल बताई है।
दोनों मासूमों की हत्या से स्थानीय लोगो में आक्रोश है। इन्होंने पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति की जांच और फांसी की सजा की मांग की। सीओ कोतवाली अमित कुमार राय का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट को पूर्व पार्षद की संपत्ति की जांच के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।