मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में फैसला बुधवार को आने की संभावना है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए हैं। गवाहों के बयानों में हत्या से पहले चाकू और उस्तरा खरीदने, 1200 लीटर का नीला ड्रम लेने, सीमेंट खरीदने, दवा लेने और घटना के बाद आरोपियों के घूमने तक की कड़ियों का उल्लेख किया गया है।
नीला ड्रम केस: फल काटने के बहाने चाकू खरीदा, अनाज के लिए लिया ड्रम; गवाहों की जुबानी हत्याकांड की कहानी
मेरठ के सौरभ हत्याकांड में अभियोजन ने 22 गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। गवाहों ने चाकू, उस्तरा, नीले ड्रम, सीमेंट और मोबाइल लोकेशन से जुड़े साक्ष्यों की जानकारी दी। अदालत 30 सितंबर को यानी बुधवार को इस केस में फैसला सुना सकती है।
गवाह नंबर 1 : भाई से संपर्क न होने पर गहराया शक
18 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाने में उसने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके भाई सौरभ ने मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। सौरभ ने उसे बताया था कि वर्ष 2019 से उसकी पत्नी मुस्कान रस्तौगी के साहिल शुक्ला से संबंध हैं।
उसने यह भी कहा था कि उसे अपनी जान का खतरा है। सौरभ बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने विदेश से मेरठ आया था। इसी दौरान पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने उसकी हत्या कर दी। मैंने सौरभ से संपर्क का प्रयास किया था। संपर्क न होने पर मुझे हत्या का शक होने लगा था। -बबलू कुमार (वादी सौरभ का बड़ा भाई)
गवाह नंबर 2 : ब्रह्मपुरी में नीले ड्रम से मिला था सुराग
मैंने ब्रह्मपुरी स्थित मकान में नीले ड्रम में शव मिलने की तहरीर दर्ज की थी। बाद में सौरभ के भाई की तहरीर पर मुस्कान के प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या करने और शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाने की बात सामने आई। -बृजेश कुमार (कांस्टेबल)
गवाह नंबर 3 : साहिल से मिलती थी मुस्कान
सौरभ ने हमारी मर्जी के खिलाफ मोहल्ले की मुस्कान से शादी की थी। ससुराल में मुस्कान का व्यवहार बहुत खराब था। उन्हें पता चला कि सौरभ के लंदन जाने के बाद वह साहिल से मिलती थी। वह सौरभ से विवाह के बाद भी एक बार घर और बेटी को छोड़कर जा चुकी थी। -रेणु देवी (मृतक की मां)
गवाह नंबर 4 :तीन मार्च की रात प्रेमी को घर में दाखिल होते देखा
तीन मार्च की रात मैंने साहिल को सौरभ के घर जाते देखा था। उस वक्त घर पर सौरभ और मुस्कान मौजूद थे। बाद में पता चला कि उसी रात साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी और शव को नीले ड्रम में छिपा दिया। -सौरभ (पड़ोसी और सौरभ के बचपन का दोस्त)
गवाह नंबर 5 : फल काटने का बहाने बनाकर खरीदा चाकू और उस्तरा
एक लड़की मेरी दुकान पर सब्जी और फल काटने के बहाने चाकू और उस्तरा खरीदने आई थी। बाद में अखबार में फोटो देखकर मैंने उसे पहचाना कि वह मुस्कान ही थी। -राकेश कुमार (चाकू विक्रेता)
गवाह नंबर 6 : अनाज के बहाने खरीदा था नीला ड्रम
मुस्कान और साहिल मेरी दुकान से अनाज रखने का बहाना बनाकर 1200 लीटर का नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदकर ई-रिक्शा में ले गए थे। समाचार पत्र में फोटो देखकर मैंने दोनों को पहचाना। -सैफुद्दीन (नीला ड्रम विक्रेता)
गवाह नंबर 7 : शव को छिपाने के लिए खरीदी बालू और सीमेंट
एक लड़का और लड़की ई-रिक्शे से आए थे और बालू व सीमेंट खरीदकर ले गए थे। बाद में समाचारों से स्पष्ट हुआ कि वे मुस्कान और साहिल ही थे। -अक्षय शर्मा (सीमेंट व्यापारी)
गवाह नंबर 8 : कभी नहीं लिखी नशीली दवा
मुस्कान बुखार और कमजोरी का इलाज कराने आई थी। मैंने उसे सामान्य दवाएं दी थीं। मुस्कान के पर्चे पर उन्होंने नशीली दवा नहीं लिखी। -डॉ. अरविंद कुमार देशवाल (चिकित्सक)