मेरठ में लोहियानगर के रिहायशी इलाके में चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार सुबह हुए विस्फोट से पांच लोगों की मौत हो गई। नौ लोग बुरी घायल हो गए। दो घंटे के भीतर हुए दो धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा।
बताया गया कि विस्फोट इतना भीषण था कि 20 मीटर दूर स्थित मकान की दूसरी मंजिल भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। मलबे के टुकड़े आधा किलोमीटर तक बिखर गए। धुंए का गुबार छा गया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियों समेत कई थानों की पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने सात घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया।
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धराशायी हुए मकान
- फोटो : Amar Ujala
वहीं, आईजी, डीएम, एसएसपी और एटीएस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने को कहा। पटाका फैक्टरी संचालक के फरार होने के कारण मृतकों के नाम-पते की जानकारी नहीं हो सकी है। सभी मृतक बिहार के भोजपुर इलाके रहने वाले बताए जा रहे हैं।
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मौके पर जमा लोग
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लोहियानगर की सी पॉकेट के रिहायशी इलाके में शास्त्रीनगर सेक्टर चार निवासी संजय गुप्ता की दो मंजिला बिल्डिंग है। बिल्डिंग की पहली मंजिल शास्त्रीनगर सेक्टर तीन निवासी आलोक रस्तोगी ने किराए पर ले रखी है। दूसरी मंजिल जागृति विहार सेक्टर सात निवासी गौरव गुप्ता को दी हुई है। पहली मंजिल पर आलोक रस्तोगी ने साबुन का गोदाम बनाने के साथ पैकिंग मशीन लगा रखी है। दूसरी मंजिल पर गौरव गुप्ता ने अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित की हुई थी।
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मौक पर जांच करती पुलिस
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बताया गया कि इसमें टॉय गन की मिसाइल (शॉट) और स्काई बम बनाने का काम किया जा रहा था। मंगलवार की सुबह आधा दर्जन मजदूर फैक्टरी में थे। सुबह सवा सात बजे अचानक पटाखों में विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूर कई मीटर दूर जाकर गिरे। वे बुरी तरह झुलस गए। कई की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। धमाके से 33 केवी लाइन के खंभे टूट गए।
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हादसा
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बता दें कि 20 मीटर दूरी पर स्थित मोहम्मद हारून के घर की दूसरी मंजिल पूरी तरह से धवस्त हो गई। उनकी बेटी और धेवती घायल हो गए। सड़क पर साइकिल से जा रहे दादा-पोते, एक महिला, उसके बेटी-बेटी और एक अन्य बच्चा बुरी तरह से जख्मी हो गए। सड़क पर कई सौ मीटर तक पत्थर के टुकड़े बिखर गए। पास में स्थित स्कूल में लोग सहम गए।