नए साल की अल सुबह मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र में बाइक सवार युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यहां रोहटा क्षेत्र में बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक सड़क किनारे खड़े सांड से जा टकराया। सांड से टकराते ही युवक सड़क पर गिर पड़ा। वह काफी देर तक मौके पर ही तड़पता रहा और दम तोड़ दिया।
वहीं पूठ चौकी पर पहुंचकर राहगीरों ने मामले की जानकारी दी तो वहां पुलिसकर्मियों ने चौकी इंचार्ज के नींद में होने की बात कहते हुए उन्हें वापस लौटा दिया। इस दौरान परिजन भी सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर भारी भीड़ पहुंच गई और पुलिसकर्मियों के बरताव पर नाराजगी जताई। मौजूद चौकी इंचार्ज की अभद्रता से नाराज स्थानीय लोगों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। धरने पर रालोद विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, डॉ. राजकुमार सांगवान, सम्राट मलिक, भी शामिल हो गए। इस दौरान तकरीबन पांच घंटे तक मेरठ बड़ौत मार्ग जाम रहा। वहीं एडीएम समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और आर्थिक मदद के आश्वासन पर धरना समाप्त कर जाम खोला गया। एडीएम प्रशासन और सीओ सरधना ने पूठ खास चौकी प्रभारी को भी हटाने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण माने। आगे पढ़ें कैसे नए साल के पहले दिन ही सड़क हादसे में एक बाइकसवार की मौत हो गई।
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मौके पर मौजूद भीड़
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार गांव जिजोखर निवासी राहुल पुत्र भूपेंद्र सिंह (26) वर्ष अपनी बाइक पर सवार होकर मेरठ से ड्यूटी कर अपने घर लौट रहा था। जैसे वह बाइक लेकर सुबह 6 बजे मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर अरनावली गांव के सामने पहुंचा तो किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से उसकी बाइक में टक्कर मार दी। ओर वाहन चालक मय वाहन के मौके से फरार हो गया। टककर लगने से बाइक सवार राहुल सड़क किनारे घूम रहे गोवंश से जा टकराया।
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मौके पर मौजूद लोगों को समझाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
टक्कर लगने से घायल राहुल घंटों तक मौके पर ही पड़ा तड़पता रहा और दम तोड़ दिया। वहां गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना आधा किमी दूर स्तिथ पूठ चौकी पर जाकर दी। आरोप है कि चौकी पुलिस ने लावारिस में सड़क किनारे पड़े राहुल को उठाकर उपचार के लिएअस्पताल भिजवाना भी गवारा नही समझा। चौकी पर सूचना देने राहगीर पहुंचे तो चौकी इंचार्ज को वहां पर तैनात सिपाही ने कहा कि वह अभी सो रहे हैं। नौ बजे उठेंगे। पुलिस की लापरवाही के चलते राहुल ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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धरने पर बैठे परिजन व स्थानीय नेता
- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलने पर उसके परिजन 8 बजे ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोग राहुल को उपचार के लिए ले जाने लगे तो उसी बीच चौकी इंचार्ज विजेंद्र सिंह भी वहां पर आ गए। परिवार के लोगों ने जब चौकी इंचार्ज से देरी पर आने की नाराजगी जताई, तो चौकी इंचार्ज ने तपाक से बोल दिया कि गोवंश के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसमें पुलिस क्या कर सकती है। इन गोवशों को पकड़ने का काम पुलिस का नहीं है। जिन लोगों ने छोड़ें है, या तो वे पकड़ें या सरकार उन्हें पकड़ने की व्यवस्था करे। पुलिस को बहुत काम हैं। इस तरह से दुर्घटनाएं आए दिन होती रहेंगी। पुलिस इन्हें नहीं रोक पाएगी। चौकी इंचार्ज विजेंद्र सिंह की यह टिपणी सुन ग्रामीण आक्रोशित होकर भड़क उठे।
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भीड़ को समझाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गामीणों ने शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और आक्रोशित ग्रामीण चौकी इचार्ज पर भड़क गए और उसे भी दौड़ा लिया। बमुश्किल थाना प्रभारी रामकुमार कुंतल ने बीच बचाव कराया और जाम लगा रहे आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी एक नही सुनी और अधिकारियों को बुलाकर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई करने, अज्ञात वाहन को पकड़ने व 20 लाख रुपए मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए।