फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ा फैसला: गुदड़ी बाजार हत्याकांड के आखिरी आरोपी को भी उम्रकैद, बेहद खाैफनाक थी मेरठ की ये वारदात

Sat, 05 Apr 2025 02:45 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Sat, 05 Apr 2025 02:45 PM IST
सार

मेरठ में हुए चर्चित गुदड़ी बाजार हत्याकांड में अदालत ने आखिरी आरोपी शम्मी को भी दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं इस हत्याकांड के 10 आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। यह हत्याकांड बेहद वीभत्स और खाैफनाक वारदातों में से एक था।

विज्ञापन
Big decision: Last accused of Gudri Bazaar murder case also gets life imprisonment, the incident was extremely
गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित गुदड़ी बाजार हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस हत्याकांड के आखिरी आरोपी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं इस मामले में 10 आरोपियों को अदालत पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। 



गुदड़ी बाजार के तिहरे हत्याकांड में न्यायालय ने अपने 173 पेजों के निर्णय में इस घटना को विरल से विरलतम श्रेणी का न मानते हुए इजलाल समेत दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और जुर्माना लगाया। सभी दोषियों को पहले से कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा, इसलिए भी इस मामले में विरलतम श्रेणी का नहीं माना। शीबा के मामले में अदालत ने 58 पेज का निर्णय दिया था। जिसमें माना है कि हत्या करते वक्त इजलाल के दिमाग में शीबा के शब्द गूंज रहे थे कि तीनों को रास्ते से हटा दो।

Big decision: Last accused of Gudri Bazaar murder case also gets life imprisonment, the incident was extremely
तीनों मृतक- गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

देश भर में चर्चा का विषय बना था ये हत्याकांड
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले थे। इनकी पहचान मेरठ निवासी 27 वर्षीय सुनील ढाका निवासी निवासी ढिकौली बागपत, 22 वर्षीय पुनीत गिरि निवासी खटकी परीक्षितगढ़ और 23 वर्षीय सुधीर उज्ज्वल निवासी सिरसलगढ़ बिनौली बागपत के रूप में हुई थी।

जांच में सामने था आया कि 22 मई की रात कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर तीनों की हत्या की। इजलाल की दोस्त शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया था। 

Big decision: Last accused of Gudri Bazaar murder case also gets life imprisonment, the incident was extremely
हाजी इजलाल, गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

22 अगस्त 2008 को कोतवाली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई थी। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में रोजाना सुनवाई करने के आदेश दिए थे।

दस जुलाई 2024 तक लगातार हर रोज सुनवाई हुई। 14 साल तक सभी को जेल में रहना पड़ा। 2023 में इजलाल पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, 14 साल जेल में रहने के चलते जमानत मिल गई थी। सभी नौ आरोपी तब से बाहर थे।

यह भी पढ़ें: Meerut: CCSU में सवाल पर बवाल, प्रश्नपत्र में नक्सली-आतंकी संगठनों से की RSS की तुलना, प्रोफेसर ने माफी मांगी

विज्ञापन
विज्ञापन
Big decision: Last accused of Gudri Bazaar murder case also gets life imprisonment, the incident was extremely
गुदड़ी बाजार का वह चबूतरा, जहां हत्याकांड को अंजाम दिया गया। - फोटो : Amar ujala

एक अगस्त को कोर्ट ने इजलाल और उसके भाई अफजाल, महराज, कल्लू उर्फ कलुआ, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन पर हत्या समेत तमाम धाराओं और शीबा सिरोही पर हत्या के लिए उकसाने के आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया था।

हत्याकांड के दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा था। शम्मी को भी अदालत ने दोषी करार देते हुए आज उम्रकैद की सजा सुनाई। एक आरोपी को नाबालिग बताए जाने के चलते हाईकोर्ट में अपील विचाराधीन है। तिहरे हत्याकांड में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। इजलाल के मुकदमे में 27 गवाह और शीबा के मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए थे।

विज्ञापन
Big decision: Last accused of Gudri Bazaar murder case also gets life imprisonment, the incident was extremely
शीबा- गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा बनी थी हत्याकांड की वजह
इजलाल और सेना के कैप्टन की तलाकशुदा पत्नी शीबा सिरोही की दोस्ती थी। सुनील ढाका, सुधीर उज्ज्वल और पुनीत गिरि इसका विरोध करते थे। बाद में इजलाल ने तीनों युवकों से समझौता कर लिया था।

शीबा को इजलाल का तीनों से मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों की हत्या के लिए उकसाया। 22 मई 2008 की रात इजलाल ने तीनों को बात करने के बहाने बुलाया और मार डाला।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed