मेरठ का कैंट एरिया, यहां माल रोड से तकरीबन आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस जगह शाम के सन्नाटे की तो बात छोड़िए, दिन में भी कोई जाने की यहां हिम्मत नहीं जुटा पाता। यदि हिम्मत करके कोई यहां जाता भी है तो इस बंगले के अंदर पहुंचकर उसके पसीने छूट जाते हैं।
सुनने और पढ़ने में भले ही आश्चर्य लगे, लेकिन यह हकीकत है कि यह सैकड़ों वर्ष पुराना बंगला है, जो अब एक खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां कई बार कुछ पैरानाॅर्मल गतिविधियों के होने की बात भी सामने आई है। शाम का सन्नाटा तो दूर, दिन में भी इस भूत बंगले को देखकर डर लगता है। यह बंगला देश के दस भूत बंगलों में शुमार है। मेरठ प्रशासन ने इस बंगले के अंदर जाने पर रोक लगाई हुई है। लेकिन प्रशासन से अनुमति लेकर इस स्थान को देखा जा सकता है।
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Bhoot Bangla Meerut
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ छावनी से माल रोड पर करीब कुछ दूरी पर मौजूद एक खंडहर, जिसे अब लोग भूत बंगले के नाम से ज्यादा जानते हैं। आजादी से पहले तक इस बंगले में सब एरिया का मुख्यालय था। लेकिन उसके बाद सब एरिया मुख्यालय सरधना रोड पर चला गया और धीरे-धीरे ये बंगला खंडहर में तब्दील होता गया। 70 साल बाद आज यह बंगला 'भूत बंगला' के नाम से ही पहचाना जाने लगा है।
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इस जगह के आसपास सन्नाटा पसरा रहता है। साथ ही बंगले के अंदर भी मकड़ी के जाले, चमगादड़ और कबूतर ही दिखाई पड़ते हैं। बंगले के चारों तरफ लंबे-लंबे वृक्ष हैं तो झाड़ियां भी कम नहीं है। दीवारें टूटी हालत में है, लेकिन फर्श पक्का है।
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बताया जाता है कि कई साल पहले यहां कुछ युवा घूमने के लिए आए थे, जिन्हें यहां कुछ असाधारण गतिविधियों का अहसास हुआ, जिसके बाद से प्रशासन ने इस जगह लोगों के जाने पर रोक लगा दी। साथ ही बंगले के एक तरफ के गेट को भी बंद कर दिया गया।
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बंगले की भीतर अलग-अलग कमरों में ईंटें बिखरी हुई पड़ी हैं, तो सीढ़ियों की हालत भी ऐसी है जिन्हें देखकर चीख निकल जाए। कई सीढ़ियों पर चढ़ते वक्त ईंटे खिसक जाती हैं।