भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने बदर अली से मुलाकात करने में सियासी दांव खेला। जेल में बदर से मिलने पर प्रशासन को आपत्ति होगी, इसकी जानकारी उसे पहले से थी। इसके चलते चंद्रशेखर ने गैंगेस्टर से मुलाकात करने की बात कहकर ऑनलाइन आवेदन किया। जबकि ठीक समय पर बदर के करीबी से एक पर्ची जेल में लगवा दी। जेल प्रशासन भी चंद्रशेखर के खेल को नहीं समझ सका।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर का कहना कि गैंगेस्टर जितेंद्र उर्फ मुन्ना से उसको मुलाकात नहीं करनी थी। वह मेरठ में बदर अली से मिलने गए थे। चंद्रशेखर की मुलाकात बदर से होने पर प्रशासन आपत्ति कर सकता है, इसको देखते बदर के करीबी बताए जाने वाले इरशाद ने जेल में मुलाकात की अर्जी लगाई थी।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
दोनों आवेदन जेल में एक साथ पहुंचे और जेल प्रशासन समझ नहीं पाया। गैंगेस्टर जितेंद्र के बैरक में ही बदर अली होना बताया गया। चंद्रशेखर का दावा कि जेल में बदर से मुलाकात हो गई, जबकि जेल प्रशासन का कहना कि चंद्रशेखर जेल में बदर से नहीं मिले। इसको लेकर शहर में अलग-अलग चर्चाएं हैं।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर बदर अली के परिवार के साथ
- फोटो : अमर उजाला
परिवार से मुलाकात हुई
चंद्रशेखर की मुलाकात बदर अली के परिवार से हुई, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। लेकिन थाना पुलिस ने दावा किया कि चंद्रशेखर के आने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस फोर्स फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में लगा दी थी। वहां कोई नहीं पहुंचा। सवाल उठता है कि आखिर चंद्रशेखर की मुलाकात बदर अली के परिवार से कैसे हो गई।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
एलआईयू टीम बुलाई थी
चंद्रशेखर के जेल में पहुंचने की जानकारी लेते ही जेल प्रशासन ने पुलिस के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। वरिष्ठ अधीक्षक जेल ने एलआईयू की टीम को बुलाया। जिनकी निगरानी में जेल में चंद्रशेखर की गैंगेस्टर से मुलाकात हुई। बदर से कोई बातचीत नहीं हुई। चंद्रशेखर जेल से बाहर आने के बाद ऐसा ही बयान देगा, इसका आभास पहले से प्रशासन को था।