भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर जेल से रिहा होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोर रहा है। देखना में आया है कि दलित समाज के युवा फेसबुक और व्हाट्सएप पर चंद्रशेखर की फोटो खूब वायरल कर रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि उसे अपना नेता भी मान रहे हैं और अपने समाज के लोगों से अपील कर रहे हैं कि चंद्रशेखर का सपोर्ट करो। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह बनता है कि आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव में भीम आर्मी समर्थकों का फायदा किसे मिलता है। आगे जानिए पूरा अपडेट:-
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चंद्रशेखर उर्फ रावण
- फोटो : अमर उजाला
जैसा कि चंद्रशेखर बार- बार कह रहे हैं कि मायावती उनकी बुआ हैं और उन्होंने दलित समाज के लिए बहुत काम किया है। लेकिन मायावती ने हाल ही में दिए बयान में कहा था कि बुआ-भतीजे का कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा था कि अगर बहुजन समाज को एक करना है तो पार्टी में आकर काम करें। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चंद्रशेखर ने एक ऐलान में लाखों की भीड़ को जंतर-मंतर पर इकट्ठा किया था। आगे जानिए कैसे:-
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चंद्रशेखर व मायावती।
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पिछले साल राजपूतों और दलितों के बीच हुई जातीय हिंसा का आरोपी चंद्रशेखर जेल से रिहा हो गया है। सहारनपुर हिंसा में कई लोगों की जान गई थी। जबकि कई दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी दंगे की वजह से सुर्खियों में आये भीम आर्मी संगठन को अब पूरा देश जान गया है। इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन और समय से पहले योगी सरकार द्वारा जेल से रिहा करने से चंद्रशेखर मीडिया की सुर्खियां बन गया। जिससे उसे पूरा देश जान गया है।
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चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सहारनपुर बवाल से पहले कोई नहीं जानता था कि भीम आर्मी कोई संगठन है, लेकिन दलितों के सहारे हवा लेकर दिल्ली पहुंचे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर को आज हर कोई जान गया है कि ये दलितों का युवा नेता बनकर सामने आ रहा है। पिछले दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर को भारी समर्थन मिलता दिखा। इस रैली में यूपी के अलावा बिहार, हरियाणा, झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में दलित यहां पहुंचे थे।
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चंद्रशेखर उर्फ रावण
- फोटो : अमर उजाला
भीम आर्मी संगठन ही वो नाम है जिसे दलित पूर्ण समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा दलित इस संगठन से तेजी के साथ जुड़ भी रहे हैं। खास बात यह थी कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई हजारों की संख्या में युवा पहुंचे थे और भीम आर्मी का पूर्ण समर्थन किया। जंतर-मंतर पर भीम आर्मी की भीड़ को देख राजनीतिक पार्टियां भी हैरान रह गई थी। पहली बार में ही इतनी भीड़ को साथ लाना कोई आसान काम नहीं था इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि दलित अधिक संख्या में इस संगठन से जुड़ेंगे।