भारत बंद के दौरान आज किसान संगठन देशव्यापी चक्का जाम कर रहे हैं। पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में किसानों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। हर जिले के चिन्हित मार्ग व चौराहों पर किसान संगठन जाम लगाते हुए धरने पर बैठे हैं। वहीं मेरठ में किसान संगठन रात से ही चक्का जाम की तैयारियों में जुट गए थे। सैंकड़ों किसान शहर के कमिश्नरी पर पहुंचे और यहां खुले में रात गुजारी। वहीं आज सुबह दस बजते ही शहर के 14 स्थानों पर चक्का जाम की तैयारी शुरू कर दी। किसानों के इस चक्का जाम को शहर के व्यापारियों ने भी समर्थन देते हुए बाजार बंद रखे। हालांकि कई जिलों में बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले, लेकिन कई स्थानों पर किसान नेताओं ने खोली गई दुकानों को बंद करा दिया।
भारत बंद: मेरठ में हाईवे पर सजी हुक्के की चौपाल, किसानों के चक्का जाम से जनता हुई बेहाल, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में भाकियू नेताओं ने सिवाया टोल प्लाजा को सुबह से ही टोल फ्री करा दिया। यहां किसान नेताओं ने नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। यहीं नहीं, किसानों की बीच हाईवे पर ही हुक्का चौपाल जमी रही। वहीं किसान नेताओं ने माइक द्वारा कृषि कानूनों को लेकर किसानों का संबोधित भी किया।
सिवाय टोल प्लाजा पर चक्का जाम करने के बाद शाम को 4 बजे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने एडीएमएफ को ज्ञापन देने के बाद चक्का जाम खत्म कर दिया और टोल प्लाजा पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने शिवाय टोल प्लाजा पर नारेबाजी करते हुए चक्का जाम किया। इस दौरान केवल सेना वाहन व एंबुलेंस को ही निकलने की इजाजत दी गई। चक्का जाम के दौरान एक महिला की गाड़ी को निकालने को लेकर किसान नेताओं में पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई। हालांकि किसान नहीं माने और महिला को लौटना पड़ा। बता दें कि सिवाया टोल टोल प्लाजा पर चक्का जाम को देखते हुए पुलिस भी तैनात रही। दूसरी ओर टोल प्लाजा पर ही किसानों ने भोजन के इतजाम के लिए कढ़ाई चढ़ा दी, जहां किसान पूड़ियां तलते नजर आए।
किसानों के चक्का जाम से जहां यातायात प्रभावित हुआ है वहीं आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेरठ में भैंसाली बस अड्डे पर यात्री बसों के इंतजार में खड़े नजर आए। वहीं बसें नहीं चलने से बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या भी काफी कम रही।
कृषि कानून के विरोध में आज भारत बंद के आह्वान पर बागपत में रालोद, सपा और कांग्रेस का भारत बंद को समर्थन दिया। जिले में किसान, भाकियू पदाधिकारी, रालोद नेता नेशनल व स्टेट हाईवे पर करीब एक दर्जन जगहों पर धरना देकर बैठे रहे। इससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां राष्ट्र वंदना चौक पर एक दूल्हा भी जाम में घंटों फंसा रहा।