मेरठ से सटे शोभापुर गांव के लोगों में दो अप्रैल की हिंसा के बाद से दहशत बरकरार है। दोनों पक्षों के लोगों को दिलों में इस खूनखराबे को लेकर एकतरफ जुनून है तो दूसरी ओर इसका मलाल भी है। जिन दो परिवार में रंजिश बनी है, वहीं कभी एक-दूसरे के हमदर्द हुआ करते थे। दोनों परिवार के बीच बड़ा ही भाईचारा था। दिलों में दूरियां पैदा हुई तो दोनों परिवारों के लोगों के घर भी दूर-दूर हो गए। और ये दूरी खूनी रंजिश में बदल गई।
आशीष हत्याकांड का तीसरा आरोपी गिरफ्तार, गांव में खूनी रंजिश को लेकर दहशत बरकरार
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इस खूनी रंजिश व गांव के बिगड़े माहौल को लेकर ग्रामीण चिंतित है। ग्रामीणों ने बताया कि आशीष व गोपी पारिया के मकान गांव में अंदर थे। दोनों के घरों की दीवारें आपस में मिली हुईं थीं। दोनों परिवारों के बीच दिलों में दूरियां बनीं तो दोनों अपने-अपने गांव के अंदर मकानों को छोड़कर अलग- अलग जाकर रहने लगे। महिलाएं बताती हैं कि गोपी, मनोज गुर्जर व आशीष को एक साथ बड़े होते देखा है। कभी दोनों परिवारों के बीच बहुत मेलजोल था।
गोपी की शादी भी आशीष के परिवार के लोगों ने ही कराई। लेकिन अब दोनों परिवार में खूनी रंजिश बनी हुई है। पहले गोपी पारिया और अब बदले में आशीष गुर्जर को मार दिया गया। इस रंजिश में कितनी और जान जाएंगी, कोई नहीं जानता। दोनों पक्षों में अभी तनाव बना हुआ है।
राजनीति में कदम रखते ही बने दुश्मन
गोपी पारिया और मनोज गुर्जर ने राजनीति में कदम रखे। शोभापुर में गोपी पारिया ने बसपा और मनोज ने सपा के पोस्टर लगाने शुरू किये। तभी से दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। दो अप्रैल की हिंसा में भी दोनों पक्षों में राजनीति हुई। जिसके चलते चार अप्रैल को गोपी पारिया की हत्या हो गई। जिसके बाद से गांव में दोनों पक्षों के अलग-अलग गिरोह बन गए। जोकि सोशल साइट पर वायरल हो रहे हैं।
आशीष गुर्जर हत्याकांड में मंगलवार को पुलिस ने 25 हजार के इनामी आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुख्य हत्यारोपी प्रशांत पारिया की निशानदेही पर की गई। वहीं, आशीष के परिजनों ने जान का खतरा जताया है, जिसको देखते हुए परिजनों की सुरक्षा में पीएसी तैनात की गई है।