मेरठ में बसपा नेता के हत्यारोपी युवक आशीष गुर्जर की शनिवार को शोभापुर में हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। क्या हमलावरों का निशाना सिर्फ आशीष था। क्या परिवार में दहशत फैलाने के मकसद से हवाई फायरिंग गई। आशीष के साथियों ने भी चुप्पी साध रखी है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही चश्मदीद लोगों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सटीक रेकी के बाद ही इस हत्या को अंजाम दिया गया।
मर्डर: क्या सुनियोजित थी आशीष गुर्जर की हत्या, हमलावरों ने की थी सटीक रेकी, साथियों ने साधी चुप्पी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आशीष के परिजनों की आंखों में गम और गुस्सा था। लोगों उन्हें भड़काते का प्रयास करते रहे। लेकिन पीड़ित परिवार स्थिति को संभालता रहा। बेटे का शव देखकर पिता महकार सिंह जमीन पर बैठ गया। लोग जैसे ही हल्ला मचाते तो तभी महकार कहते कि बवाल मत करना। शायद यही वजह थी कि पीड़ित पक्ष की समझदारी से माहौल खराब होने से बच गया। परिजनों ने जाम तक नहीं लगने दिया। जाति सूचक शब्द कहते ही परिवार के लोग चिल्लाते रहे कि कोई भी गलत मत बोलो। आशीष के दोस्त कह रहे थे कि उनका नेता मारा है। जेल से छूटने के बाद वह अकेला नहीं रहता था। आरोपियों ने उसको घेरकर मारा है।
महिलाओं ने पुलिस को दौड़ाया
आशीष की दिनदहाड़े हत्या से महिलाओं में जबरदस्त गुस्सा था। कई बार पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया, जिस पर महिलाओं ने पुलिस वालों को दौड़ाया। कहा कि पहले उन्हें आशीष के हत्यारोपियों को पकड़कर दिखाओ। तब शव को उठने देंगे। महिलाएं कह रही थीं कि तुम लोग यहां से जाओ। आशीष की हत्या का बदला हम खुद लेंगे। पुलिस अधिकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास करने लगे। एसपी सिटी रणविजय सिंह और एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने सीओ दौराला, सीओ कोतवाली समेत कई थानों की फोर्स बुलाकर शोभापुर को छावनी में तब्दील कर दिया।