ढाई लाख के इनामी अपराधी बदन सिंह बद्दो की आलीशान कोठी अब वीरान हो गई है। एक जमाना था, जब यहां एशो-आराम के सारे सामान होते थे और जरायम की दुनिया से जुड़े उसके साथियों की महफिल सजती थी। समय बदला तो धीरे-धीरे कोठी खंडहर में तब्दील हो गई। तेजी से चल रही कार्रवाई से लगता है कि जल्द ही कोठी का नामों-निशां खत्म हो जाएगा।
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बद्दो की कोठी में तोड़फोड़
- फोटो : अमर उजाला
पंजाबीपुरा में बद्दो की इस आलीशान कोठी का हल्ला लखनऊ तक है। कुर्की से पहले पुलिस ने इसके अंदर का पूरा नजारा अपने मोबाइल में कैद कर लिया है। एक दशक पहले तक बद्दो यहीं पर शहर के अपराधियों और उनके गुर्गों की महफिल सजाता था। कोठी में किसी भी चीज की कमी नहीं थी। यह इससे भी जाहिर है कि शनिवार को कुर्की के समय इसमें करीब दो करोड़ रुपये का सामान मिला है।
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वीरान हुई बद्दो की कोठी
- फोटो : अमर उजाला
2017 में रविंद्र गुर्जर की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा के बाद बद्दो जेल चला गया था। इसके बाद बद्दो ने अपनी बहन जगजीत कौर को यहां जरूर छोड़ दिया लेकिन, कोठी की पहले जैसी देखरेख नहीं हो पाई।
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वीरान हुई बद्दो की कोठी
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इस बीच जेल से पैरोल पर आने के लिए बद्दो ने दो बार हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद बद्दो ने उन्हीं गुर्गों को अपनी फरारी के प्लानिंग में शामिल किया, जो कोठी की महफिल में शामिल होते थे। हाईकोर्ट की फटकार के बाद मेरठ पुलिस को यह कोठी 19 महीने बाद दिखाई दी।
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वीरान हुई बद्दो की कोठी
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कोई भी रहने के लिए तैयार नहीं
कुर्की की कार्रवाई के बाद सोमवार को अमर उजाला की टीम पंजाबीपुरा में बद्दो की कोठी पर पहुंची। वहां सब वीरान हो गया है। पड़ोसियों ने कहा कि अब यहां छोटे बच्चे आने से डरने लगे हैं। कुर्की की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कोठी में लगे शीशे तोड़ दिए हैं, जिनसे अंदर का नजारा भयावह सा दिख रहा है। कोठी में लगी फुलवारी भी मुरझाने लगी है। फिलहाल, यहां रहने के लिए भी कोई तैयार नहीं है।