हवा चलने से शनिवार को स्मॉग का असर थोड़ा कम हुआ है। लेकिन रविवार को धुंध की स्थिति जस की तस बनी रही। वहीं वायु प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक बना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा की गति बढ़ने से स्मॉग छंटने के साथ तापमान गिरेगा। हालांकि धुंध के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सांस लेना दूभर: शहर से देहात तक पूरा दिन छाई रही धुंध, हवा चली लेकिन वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर
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शनिवार को दिन में हवा बंद रही। लेकिन शाम को 10 से 12 किमी प्रति घंटा की गति से चलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 410 से गिरकर 371 पर आ गया। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार 50-100 तक एक्यूआई का स्तर आदर्श होता है। लेकिन 300 के पार पहुंचने पर यह स्तर सेहत के लिए खतरनाक होता है।
पिछले कुछ दिनों से तो यह स्तर 400 का आंकड़ा पार कर गया था। रविवार सुबह से ही आसमान पर स्मॉग की चादर तनी हुई । दोपहर बाद तक यह स्थिति और ज्यादा बढ़ गई।
स्मॉग के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और आंखों में जलन रही। लेकिन शाम होते-होते हवा की गति बढ़ने से स्मॉग भी छंटना शुरू हो गया। इसके साथ ही मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
बच्चों पर स्मॉग का खतरनाक प्रभाव पड़ता है। इसके लिए शिक्षक व चिकित्सक उन्हें इंडोर गेम खेलने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष के अनुसार दिन का तापमान गिरा है तो रात का तापमान बढ़ा है। हवा की रफ्तार बढ़ने का सीधा असर स्मॉग पर पड़ा है। आने वाले दो दिनों में हवा की रफ्तार 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं। इससे स्मॉग घटने से दिन का तापमान भी गिरेगा।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके त्यागी का कहना है कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कई औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। ज्यादातर उद्योग बंद पड़े हैं। हापुड़ रोड पर एक हॉटमिक्स प्लांट को भी बंद कराया गया है।
प्रमुख शहरों में एक्यूआई का स्तर
बागपत 435 बुलंदशहर 446
दिल्ली 399 गाजियाबाद 453
ग्रेटर नोएडा 438 हापुड़ 444
नोएड 432