मेरठ में एरिया बैंक मैनेजर अर्पित पाराशर ने अपनी प्रेमिका के मासूम बेटे की हत्या कर दी है। उसने घड़ी दिलाने का झांसा देकर अंगदवीर को अगवा किया था। यह वारदात राज खुलने के डर से की गई। रविवार को अंगदवीर ने अर्पित को अपनी मां गुरप्रीत कौर के साथ घर में देख लिया था। आरोपी अर्पित को डर था कि मासूम यह बात अपनी दादी या पिता को बता देगा। इसी डर से उसने अंगदवीर को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर अर्पित टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि उसने अंगदवीर को वैगनआर कार से अगवा किया था। वह उसे करीब 24 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर ले गया। हस्तिनापुर के भद्रकाली मंदिर के पास वन क्षेत्र में उसने अंगदवीर की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को मौका-ए-वारदात पर ले जाकर दृश्य दोहराया।
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अंगदवीर की हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंचा हत्यारा अर्पित पाराशर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या का तरीका
आरोपी अर्पित ने कुबूल किया कि उसने अंगदवीर की चीख दबाने के लिए उसकी पगड़ी से ही मुंह बंद कर दिया था। इसके बाद उसने चाकू से अंगदवीर के हाथ की नस काटी। फिर बेरहमी से उसका गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने घटनास्थल से अंगदवीर का शव बरामद किया है। फॉरेंसिक टीम ने वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
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गुरप्रीत की फाइल फोटो
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पति से तलाक चाहती थी गुरप्रीत कौर
अंगदवीर के बाबा दिलबाग सिंह ने बताया कि गुरुसेवक उनका भतीजा है, जो पिछले छह साल से सऊदी अरब में ट्रक चलाता है। वह छह महीने पहले ही रामराज आया था। गुरुसेवक की पत्नी गुरप्रीत कौर बड़ियां गांव (नजीबाबाद) की रहने वाली है। गुरप्रीत एक साल पहले अपनी मौसी के पास सिंगापुर चली गई थी और चार महीने पहले वहां से लौटने के बाद मायके चली गई।
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मृतक अंगद की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मायके से आने के बाद वह परिजनों पर फैसले (तलाक) के लिए दबाव बनाने लगी। परिजनों ने उसे समझाया कि जब बेटा अंगदवीर उसके पास है तो फैसले की क्या बात है। गुरुसेवक की बुआ तेजिंदर कौर पटियाला में रहती हैं, जिन्होंने अंगदवीर का एडमिशन कक्षा एक में बहादुरगढ़ के एक स्कूल में करा दिया था।
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आरोपी अर्पित पाराशर
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15 दिन पहले गुरप्रीत पटियाला गई थी और वहां 10 दिन रुकने के बाद अंगदवीर को लेकर नजीबाबाद के लिए निकली थी लेकिन पांच दिन पहले वह रामराज में दादी बलजिंदर कौर के पास आ गई।