मऊ जिले के दक्षिणटोला थाना क्षेत्र और शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को असलहे की अवैध फैक्टरी के पकड़े जाने के मामले में पुलिस तीन महिलाओं सहित नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि एक फरार है। इनमें चार आरोपी बुधवार को ही पकड़े गए थे।
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने गुरुवार को बताया कि बिहार और गोरखपुर एसटीएफ के साथ जनपद पुलिस ने शहर के दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के प्यारेपुरा और शहर कोतवाली के रघुनाथपुरा में बुधवार को छापा मारकर अवैध रूप से असलहे बनाने के ठिकानों का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने दोनों स्थानों से अर्द्ध निर्मित, निर्मित असलहे और उपकरण बरामद किए थे। इस मामले में चार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया गया था, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। देखें अगली स्लाइड्स...
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
इस प्रकरण में तीन महिलाओं सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक मास्टर माइंड अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार तबरेज और तनवीर सगे भाई हैं, जो बिहार के मुंगेर निवासी हैं। दोनों रघुनाथपुरा और प्यारेपुरा में मकान बनाकर परिवार के साथ रहते हैं।
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बरामद अर्धनिर्मित असलहे और उपकरण।
- फोटो : अमर उजाला
तबरेज रघुनाथपुरा में अपने घर पर रिजवान, खालिद और लियाकत के साथ असलहा बनाता था। जबकि तनवीर प्यारेपुरा में परवेज के साथ मिलकर अवैध असलहा फैक्टरी संचालित कर रहा था। पुलिस ने तनवीर, उसकी पत्नी शबनम, मोहम्मत रिजवान, मोहम्मद रिजाउल, मोहम्मद खालिद, मोहम्मद लियाकत, मोहम्मद परवेज, रुबीना अंसारी, शबनम बानो पत्नी तनवीर को गिरफ्तार कर लिया।
तबरेज अभी फरार है। एसपी ने बताया कि तनवीर और तबरेज मूल रुप से मुंगेर जिले के कासिमबाजार थाने के हजरतगंज गांव के निवासी हैं। दोनों ने दो सगी बहनों से शादी की है और मऊ में रहने लगे। बताया कि दोनों कोलकाता से कच्चा माल लाते थे। असलहे बनाकर मुंगेर निवासी सोनू को सप्लाई करते थे।
महिलाएं करतीं थी कैरियर का काम
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने प्रेसवार्ता में बताया कि अवैध असलहा फैक्ट्री मामले में गिरफ्तार शबनम,शबाना और रुबिना कैरियर का काम करतीं थी। ये महिलाएं अपने सामानों में अर्धनिर्मित असलहों को छुपाकर मुंगेर लेकर जातीं थी। जहां वे सोनू उर्फ सज्जाद को डिलेवरी देतीं थीं।बताया कि अवैध असलहा कारोबार में लिप्त पुरुष अपने घर की महिलाओं का सहारा लेकर इस काम को अंजाम देते थे।