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प्रेम और आस्था का अनूठा संगम: बांके भैया को अर्पित की राखी, पाती में लगाई ठाकुरजी से गुहार; भावुक हो गईं बहनें
Fri, 28 Aug 2026 07:37 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 28 Aug 2026 07:37 PM IST
सार
वृंदावन के विश्वविख्यात बांकेबिहारी मंदिर में रक्षाबंधन के अवसर पर प्रेम और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में बहनें रक्षाबंधन पर बांकेबिहारी को राखी बांधने पहुंचीं। सेवायतों ने उनकी राखी ठाकुरजी की कलाई पर बांधी। इस दाैरान बहनों की ओर से भेजी गईं पाती का भी वाचन किया गया।
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बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी को राखी बांधने पहुंची बहनें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रक्षाबंधन पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के मंदिर में भाई-बहन के प्रेम और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर में सुबह धर्म बहनें आराध्य बांके भैया के लिए राखी, स्नेह पाती और उपहार भेजे। जब इन राखियों और पातियों को ठाकुरजी की सेवा में अर्पित किया गया तो कई धर्म बहनें भावुक हो उठीं। मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी रही।
रक्षाबंधन पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पर्व के अवसर पर सेवायतों ने विधि-विधान से ठाकुरजी की कलाई पर राखियां बांधीं। इसके बाद धर्म बहनों की ओर से भेजी गईं स्नेह पातियों का वाचन किया गया। पातियों में बहनों ने अपने आराध्य से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की। कई बहनों ने अपने जीवन की परेशानियां और भावनाएं भी पत्र के माध्यम से ठाकुरजी के समक्ष रखीं। धर्म बहनों की ओर से भेजी गई एक स्नेह पाती में लिखा गया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बांके भैया के लिए राखी भेजी गई है।
बांकेबिहारी मंदिर में भावुक हो गईं बहनें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्र में बहन ने अपने आराध्य से कहा कि वह और उनका परिवार बार-बार ठाकुरजी के दरबार में आकर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं। प्रभु सब जानते हैं और अब तक उनका जीवन उनकी कृपा से चलता रहा है। पत्र में लिखा गया ‘अब समय आ गया है प्रभु, आप समझिए... अब आपकी देने की बारी है।
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बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक बहन ने सरकारी नौकरी की मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हुए ठाकुरजी से अपनी आस्था बनाए रखने और गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए राखी स्वीकार करने का आग्रह किया।
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बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रंग-बिरंगी पोशाक और आभूषणों से सजे ठाकुरजी
ठाकुरजी के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी देश-विदेश में रहने वाली अनेक धर्म बहनों ने ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के लिए राखी-पाती और उपहार भेजे हैं। सभी राखियों और उपहारों को बारी-बारी से ठाकुरजी की सेवा में समर्पित किया गया। रक्षाबंधन पर ठाकुरजी को कई रंगों की मिली-जुली पोशाक और सुंदर आभूषण धारण कराए गए। दैनिक भोग बेला में नित्य भोग सामग्री के साथ माखन-मिश्री, घेवर, फैनी और केसरिया अधौटा समेत विभिन्न दिव्य पदार्थों का भोग लगाया गया।
ये भी पढ़ें-दर्दनाक: युवक की जिस तरह हुई मौत, कांप जाएगा कलेजा; भयानक हादसे का सीसीटीवी आया सामने
ठाकुरजी के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी देश-विदेश में रहने वाली अनेक धर्म बहनों ने ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के लिए राखी-पाती और उपहार भेजे हैं। सभी राखियों और उपहारों को बारी-बारी से ठाकुरजी की सेवा में समर्पित किया गया। रक्षाबंधन पर ठाकुरजी को कई रंगों की मिली-जुली पोशाक और सुंदर आभूषण धारण कराए गए। दैनिक भोग बेला में नित्य भोग सामग्री के साथ माखन-मिश्री, घेवर, फैनी और केसरिया अधौटा समेत विभिन्न दिव्य पदार्थों का भोग लगाया गया।
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