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BankeBihari Corridor: तेज होने लगी नया मंदिर बनाने की मांग, समर्थन जुटा रहे सेवायत, सात बार बदल चुका है स्थान
Thu, 19 Jan 2023 12:57 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Jan 2023 12:57 AM IST
सार
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कॉरिडोर के विरोध में दानघाटी में आयोजित बैठक
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर विरोध लगातार जारी है। इसको लेकर सरकार और स्थानीय लोगों में ठनी हुई है। इसी बीच ठाकुर बांकेबिहारी के लिए नव मंदिर निर्माण की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के दर्शन के लिए प्रति वर्ष करोड़ों भक्त आते हैं। ठाकुरजी का भव्य-दिव्य स्वरूप में आठवीं बार नया मंदिर बनाए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर सहमति मिल रही है। इसका उद्देश्य आने वाले भक्तों को सुगमता से दर्शन उपलब्ध कराना है।
कॉरिडोर के विरोध में नक्शा जलाया
- फोटो : अमर उजाला
श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के सेवाधिकारीजनों, प्रबुद्धवर्ग, प्राचीन मंदिरों के सेवायतों व स्थानीय जनता के साथ-साथ अनेक भक्तगण भी अपने आराध्य का नया मंदिर बनाए जाने के प्रबल पक्षधर हैं। ठाकुर श्रीराधावल्लभ मंदिर के सेवायत श्रीहित संप्रदायाचार्य प्रेमकुमार गोस्वामी (छोटी सरकार) ने कहा कि संबंधित लोगों की सहमति के बाद वृंदावन में ही खुली जगह पर बांकेबिहारीजी का नया मंदिर बनाने का प्रस्ताव एक अच्छा प्रयास है।
कई दिन बाद खुला बाजार
- फोटो : अमर उजाला
सहेज कर रखनी चाहिए धार्मिक विरासतें
श्रीहित संप्रदायाचार्य विशाल लाल गोस्वामी ने कहा कि वृंदावन के प्राय: समस्त छोटे-बड़े मंदिरों के सेवायत इस संकटकाल में बांकेबिहारीजी के सेवायतों के साथ खड़े हैं। ठाकुर श्रीराधारमण मंदिर के सेवायत आचार्य पंकज गोस्वामी ने कहा कि सरकार को यहां की धार्मिक विरासतें सहेज कर रखनी चाहिए। ठाकुर हरिशिरोमणि महाराज (करौलीकुंज) के सेवायत डॉ. बृजभूषण चतुर्वेदी ने कहा कि नए मंदिर के निर्मित होने पर अरबों रुपयों की खर्च से बचा जा सकेगा।बांकेबिहारीजी के सेवायत एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि नए मंदिर के निर्माण से बिहारीजी के मौजूदा मंदिर के आसपास स्थित अनेक राजघरानों द्वारा निर्मित अनमोल पुरातन धरोहरें अपने मूल अस्तित्व में बनी रहेंगी। ठाकुर युगल बिहारी मंदिर के सेवायत राजीव कृष्ण शर्मा ने कहा कि नया मंदिर सौ समस्याओं का एक समाधान सिद्ध हो सकता है। इससे संभावित विनाश की प्रक्रिया पर विराम लगेगा।
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कॉरिडोर के विरोध में बैठक करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
37 वर्ष पूर्व जयपुर मंदिर में ठाकुरजी को विराजमान करने की उठी थी मांग
19 सितंबर वर्ष 1985 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. आर वेंकटरमन ने ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने स्वामी हरिदासजी महाराज पर डाक टिकट का विमोचन भी किया। उपराष्ट्रपति के जाने के बाद हुए सामाजिक विवाद की वजह से ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी को राधामाधव मंदिर (जयपुर मंदिर) अथवा वृंदावन में ही किसी अन्य बड़े स्थान पर मंदिर निर्माण कराकर विराजमान करने की जोरदार मांग उठी थी। वर्ष 2015-16 में सूबे की समाजवादी सरकार के समय में भी मंदिर अधिग्रहण व स्थानांतरण के प्रयास हुए थे।
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परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला