मथुरा के बरसाना में होली के रसिया की जय के गगनभेदी जयकारों के बीच विश्व प्रसिद्ध लठामार होली हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हो गई। रंगीली गली में नंदगांव के हुरियारों और बरसाना की हुरियारिनों के बीच परंपरागत लठामार होली का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ढालों पर बरसते लठ और उड़ते गुलाल के बीच होरी के रसिया गूंजते रहे और पूरा बरसाना भक्ति और उल्लास में डूबा नजर आया।
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बरसाना की लठामार होली।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंदिर से लेकर रंगीली गली तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। लठामार होली अपने चरम पर पहुंचते ही पूरा वातावरण होली के रसिया की जय और राधे राधे के जयघोष से गूंज उठा। ढालों पर पड़ती लाठियों और होरी की तानों ने सदियों पुरानी परंपरा को सजीव कर दिया। श्रद्धालु ऊंचे स्थानों और छतों पर खड़े होकर इस अलौकिक होली के दर्शन करते नजर आए और हर प्रहार पर जयकारों की गूंज तेज होती चली गई।
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बरसाना की लठामार होली।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रंगीली गली में गुलाल और रंगों की ऐसी बरसात हुई कि पूरा क्षेत्र राधा रानी के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालु परिक्रमा करते, नाचते गाते और एक दूसरे पर गुलाल उड़ाते दिखाई दिए। कई भक्त हाथ जोड़कर रंगीली गली की ओर निहारते रहे तो कई ने इस होली को राधा रानी का साक्षात प्रसाद मानकर अपने माथे पर गुलाल लगाया।
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बरसाना की लठामार होली।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि लठामार होली के दर्शन जीवन का सौभाग्य हैं और बरसाना आकर उनकी मनोकामना पूर्ण हुई। देर शाम तक होली का उल्लास बना रहा और परंपरागत रीति के अनुसार लठामार होली का समापन हुआ। होली के रसिया की जय के जयकारों के बीच श्रद्धालु भावविभोर होकर लौटते नजर आए।
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बरसाना लठामार होली।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोई गुलाल की पुड़िया संभालता दिखा तो कोई रंगीली गली की मिट्टी को प्रसाद मानकर अपने साथ ले गया। बरसाना से लौटते समय भक्तों के चेहरों पर थकान जरूर थी, लेकिन आंखों में लठामार होली के दिव्य दर्शन की चमक साफ दिखाई दे रही थी।