निघासन क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में निघासन पुलिस ने अपनी गलती दुरुस्त करने का निर्णय लिया है। विवेचना में अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई है। साथ ही अदालत से अनुरोध किया है आरोपियों को बड़ी हुई इन धाराओं में भी न्यायिक हिरासत में रखा जाए। अदालत ने अर्जी की सुनवाई के लिए मंगलवार को आरोपियों को जेल से तलब किया गया है।
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lakhimpur kheri case
- फोटो : अमर उजाला
निघासन में दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में शुरुआत से ही निघासन पुलिस का रवैया ढीला रहा। अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धारा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। इसके बाद पुलिस ने धाराएं बढ़ाने का निर्णय लिया।
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सीओ संजय नाथ तिवारी ने अदालत में धारा तब्दीली की अर्जी देते हुए बताया विवेचना में सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आई है, लिहाजा 376 आईपीसी के साथ ही 376 डी की धारा लगाई जा रही है। वहीं हत्या के लिए अपहरण करने की धारा 364 आईपीसी भी आरोपियों के खिलाफ लगाई गई है। अदालत से परिवर्तित धाराओं में भी कस्टडी वारंट बनाने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ (पुलिस कस्टडी रिमांड) करने की भी अनुमति मांगी है। इस पर एडीजे मोहन कुमार ने मंगलवार को आरोपियों को जिला जेल से तलब करने का आदेश दिया है।
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विदित हो कि इस मामले में अमर उजाला शुरुआती घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस की इस चूक को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है।
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मीडिया से बरतें गोपनीयता
निघासन कांड में लगातार किरकिरी कराने के बाद पुलिस विभाग के कुछ अफ सरों ने भी मीडिया के प्रति अपनी भड़ास सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है। रविवार और सोमवार को पुलिस अफ सरों ने मीडिया से दूरी बनाने के लिए मातहतों के पेच कसे हैं। हिदायत दी है कि कैसे भी करके मीडिया को कोई भी जानकारी नहीं होने दी जाए।