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बड़ा सवाल: किसानों के प्रदर्शन में आखिर कैसे भड़की हिंसा की आग, घटनाक्रम को लेकर सभी ने साधी चुप्पी

Mon, 04 Oct 2021 09:43 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 04 Oct 2021 09:43 PM IST
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how the violence erupted in the farmers demonstration in lakhimpur kheri everyone kept silent about the incident
Lakhimpur Kheri Violence - फोटो : अमर उजाला

तिकुनिया में रविवार को किसानों के प्रदर्शन के दौरान सांसद पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ  मोनू की गाड़ी से कुछ किसानों के कुचले जाने के बाद हिंसा की आग भड़क उठी, ऐसी बातें अब तक सामने आई हैं। इस हिंसा में दोनों ओर से आठ लोग मारे गए, जबकि तीन लोग घायल हुए। गाड़ियां जला दी गईं। 



किसान संगठन इस हिंसा के लिए सांसद पुत्र मोनू को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं तो वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने अराजकतत्वों द्वारा पथराव किए जाने से गाड़ी के अनियंत्रित होने से हादसा होने की बात कही है। इससे घटना की शुरुआत के असल कारणों को लेकर बड़ा सवाल बना हुआ है, जिससे भड़की हिंसा ने आठ जिंदगियां निगल लीं।

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लखीमपुर खीरी में हुई खूनी झड़प में कुल 9 लोगों की मौत हुई। - फोटो : PTI

बवाल के दौरान हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी अधिकारियों द्वारा बयान नहीं दिया गया है। सोमवार को प्रशासन का सारा जोर किसानों का प्रदर्शन समाप्त कराने पर रहा। इससे दोपहर बाद किसानों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सहमति बन पाई। खीरी में किसान आंदोलन के दौरान ऐसी हिंसा और आगजनी से प्रदेश व देश का सियासी माहौल गरमाया है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। 

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घटनास्थल पर पुलिस - फोटो : अमर उजाला

फिलहाल, अब तक हिंसा की शुरुआत के लिए गाड़ी से किसानों को कुचले जाने को जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं इसके बाद प्रतिक्रिया में किसानों ने जिसको पाया उसको मारा-पीटा, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता व पत्रकार समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस प्रकार दोनों पक्षों की ओर से आठ लोगों की मौत होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इतनी बड़ी घटना होने में पुलिस-प्रशासन की विफलता को भी जिम्मेदार माना जा रहा है, लेकिन बवाल होने की शुरुआत होने के कारणों पर अभी रहस्य बना हुआ है।

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केंद्रीय मंत्री का बेटा - फोटो : अमर उजाला

आशीष मिश्रा के राजनीतिक करियर पर लगा प्रश्नचिन्ह 
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा (मोनू) के राजनीतिक करियर पर प्रश्नचिन्ह लग गया है, क्योंकि केंद्रीय मंत्री 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए निघासन सीट से बेटे की दावेदारी मजबूत करने में जुटे थे। इसके लिए वह बेटे से क्षेत्र में दौरा कर जनसंपर्क भी करवा रहे थे। 

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केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

किसान आंदोलन से निकली चिंगारी ने मोनू के राजनीतिक करियर पर दाग लगा दिया है। क्योंकि अब मोनू के खिलाफ हत्या, बलवा और साजिश रचने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज हो चुका है और किसी भी वक्त उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। 

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