कुशीनगर जिले के नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में बुधवार को मटकोड़वा के दौरान हुए हादसे के बाद शुक्रवार को कुएं को मिट्टी से पाट दिया गया। हादसे में महिलाओं, किशोरियों सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हो गए थे। नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में बलवंत शर्मा के द्वार पर उनके पुरखों का बनवाया कुआं था। इस कुएं पर गांव के लोग धार्मिक कार्यक्रम करते थे। बलवंत का कहना है कि कुछ साल पहले कुएं में गाय गिर गई थी। इसके बाद कुएं पर स्लैब की ढलाई कराई गई थी। बुधवार को हुए हादसे के बाद इसे पाट दिया गया है। इस हादसे में बलवंत के परिवार की बेटी मन्नू की मौत हो गई है, जबकि तन्नू अस्पताल में भर्ती है। बुधवार की घटना के पहले तक मंगल व शुभ का प्रतीक रहे इस स्थल को अब लोगों ने अशुभ घोषित कर दिया है।
कुशीनगर हादसा: टुल्लू पंप से निकाला गया था 'मौत के कुएं' से पानी, कई महिलाओं और बच्चियों की ऐसे बची थी जान, अब ग्रामीणों ने किया ये काम
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नौ घायलों की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में बुधवार रात कुएं में गिरकर घायल हुए नौ लोगों की हालत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। इन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर शाम तक इनकी हालत में काफी सुधार बताया गया था।
बता दें कि हादसे में 13 लोगों की कुएं में गिरने के कारण मौत हो गई थी। हादसे में घायल अंश, अनुप्रिया और अम्बा समेत सभी 12 लोगों को कोटवा सीएचसी में इलाज के बाद घर भेज दिया था। शुक्रवार सुबह माला, प्रीति मिश्र, पायल, काजल, तन्नू, पुष्पा, रम्भा, लीलावती और अर्जुन समेत नौ की तबीयत फिर बिगड़ गई। सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल भिजवाया