उत्तर प्रदेश के कासगंज जिला स्थित 122 वर्ष पुराने चामुंडा माता मंदिर नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं का तांता रहा। बुधवार की सुबह से श्रद्धालु मां के दर्शन को पहुंचने लगे। यहां पहले दर्शन की अभिलाषा लेकर आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं में धक्का मुक्की भी देखी गई।
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चामुंडा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता: पीपल की जड़ से निकले हैं मां के चरण, 122 वर्ष पहले हुई थी स्थापना
Wed, 22 Mar 2023 04:33 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 22 Mar 2023 04:33 PM IST
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चामुंडा माता मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता
- फोटो : अमर उजाला
मां के दर्शन को लाइन में खड़े श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सन 1901 में हुई थी मंदिर की स्थापना
मान्यता है कि तरौरा क्षेत्र के बाग में पीपल की जड़ में माता चामुंडा के चरण निकले। इसके बाद यहां पर सन 1901 में पहले एक छोटे मंदिर की स्थापना की गई। इसके बाद से भक्तों का आना शुरू हो गया। भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने पर उनके द्वारा मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाने लगीं।
मां का श्रंगार करती युवती
- फोटो : अमर उजाला
मांगी गई हर मन्नत होती है पूरी
पुजारी अनेक पाल सिंह ने बताया कि माता चामुंडा के दरबार से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। सच्चे मन से माता से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र के दिनों में जिले ही नहीं आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु आकर दर्शन-पूजन करते हैं। यहां प्रत्येक सोमवार को भक्त पहुंचकर विशेष रूप से माता के आगे शीश झुकाते हैं।यह भी पढ़ें:- रिटायर्ट सीओ को ब्लैकमेल कर छह लाख वसूले: महिलाओं ने किया कुछ ऐसा कि इज्जत के लिए रहे चुप, अब 10 लाख की मांग
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हवन कुंड में आहुतियां चढ़ाते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
कई जिलों में आस्था का केंद्र है यह मंदिर
बताया कि नवरात्र पर्व पर मंदिर में श्रद्धालुओं का मेला लगता है। मान्यता है कि मंदिर पर सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से माता प्रसन्न होती हैं। मां सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्र में यहां बने हवन कुंड में भक्त आहुतियां चढ़ाते हैं। आसपास के कई जिलों में यह मंदिर आस्था का केंद्र है।
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दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लेते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
कैसे पहुंचे माता के मंदिर
माता का यह मंदिर फोरलेन हाईवे पर इस्माइलपुर रोड एवं अशोक नगर के मध्य स्थित है। बस स्टैंड से मंदिर की दूरी आधा किमी है। रेलवे स्टेशन से लगभग डेढ़ किमी दूरी पर है। शहर के लोग बिलराम गेट चौराहा, गली माता चामुंडा मंदिर, सोरों गेट अंबेडकर तिराहा आदि मार्गों से होकर मंदिर पहुंचते हैं।यह भी पढ़ें:- एसटीएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन: पकड़े गए अतीक के करीबी, आसपास के राज्यों में भी दी जा रही दबिश