फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Vikas Dubey: तीस दिन बाद कुछ ऐसा है बिकरू का हाल, जो सिर नहीं उठाते थे बोल रहे अब पंडी जी नहीं हैं

Sat, 01 Aug 2020 11:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 01 Aug 2020 11:53 AM IST
विज्ञापन
Vikas Dubey News: Bikru village after Thirty days of Kanpur Encounter
kanpur encounter news - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद बिकरू गांव की तस्वीर बदलने लगी है। अपने हक के प्रति लोग जाग रहे हैं। विकास के रहते गांव में जो सार्वजनिक कार्य शुरू हुए थे, उन पर आरोप भी लगा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण गांव के किनारे बनाया जा रहा संपर्क मार्ग है।


 
Vikas Dubey News: Bikru village after Thirty days of Kanpur Encounter
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
विकास के दबदबे के चलते ग्रामीणों की जमीन पर बिना किसी रुकावट के निर्माण कार्य चलता आया। अब तकरार शुरू हो गई। यह भी कहा जाने लगा है कि अब पंडी जी नहीं रहे जो आकर सब को धमका देंगे। अपनी जमीन से हम रास्ता नहीं निकलने देंगे। किसानों को अब आसानी से राशन भी मिल रहा है। 

 
Vikas Dubey News: Bikru village after Thirty days of Kanpur Encounter
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
गांव के 20 प्रतिशत लोग दुखी, बाकी खुश 
गांव के कुछ बुजुर्ग अभी भी सहमे हैं। इनसे पता चला है कि बिकरू गांव में कुल 12 सौ वोटर हैं। करीब साढ़े तीन हजार जनसंख्या है। इनमें बीस फीसदी लोग विकास दुबे के जाने से दुखी हैं। 80 फीसदी लोगों का कहना है कि जो भी हुआ अच्छा हुआ।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Vikas Dubey News: Bikru village after Thirty days of Kanpur Encounter
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
अब पंडी जी का डर नहीं 
ग्रामीणों ने बताया कि बिकरू और आसपास की दस ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायत के चुनाव में विकास दुबे की ही चलती थी। विकास जिसे खड़ा करता था, वही जीतता था। इस वजह से चुनाव को लेकर गांव में कोई हलचल ही नहीं होती थी। अब पंडी जी का डर नहीं है। गांव के बहुत से लोग प्रधानी का चुनाव लड़ने का मन बनाए बैठे हैं। 
 
 
विज्ञापन
Vikas Dubey News: Bikru village after Thirty days of Kanpur Encounter
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
हर महीने नहीं बंटता था राशन 
बिकरू समेत आसपास की कई ग्राम सभाओं में हर महीने राशन नहीं बांटा जाता था। ऐसा क्यों होता था, यह सवाल गांव वालों से करने पर पता चला कि पंडी जी से पूछने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी। पंडी जी होते तो इस महीने भी राशन नहीं मिलने वाला था। एक कोटेदार सुरजन सिंह ने बताया कि गांव में स्थिति सामान्य है। एक मुस्लिम बिरादरी के बुजुर्ग ने विकास की दहशतगर्दी की कहानी तो बताई, नाम पूछने पर हाथ जोड़ लिए।

आरोपियों के परिजनों से पूछताछ
दहशतगर्द विकास दुबे के खास गुर्गे जिलेदार, हीरू दुबे, राम सिंह यादव समेत एक दर्जन आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ यूपी के अलावा दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान में डेरा डाले हुए है। इधर शुक्रवार को पुलिस व एसटीएफ ने हीरू के परिजनों से पूछताछ की। उसके बाद जेल भेजे जा चुके शशिकांत की पत्नी मनु से भी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई है। जल्द बड़ी कार्रवाई संभव है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed