{"_id":"5f031f17b6bf8f4e706f20be","slug":"vikas-dubey-kanpur-police-encounter-news-vikas-used-to-meeting-in-bagia-before-executing-criminal-incidents","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चौंकाने वाला खुलासा: आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से पहले बगिया में मीटिंग करता था विकास, भूसे में रखता था असलहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौंकाने वाला खुलासा: आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से पहले बगिया में मीटिंग करता था विकास, भूसे में रखता था असलहे
Mon, 06 Jul 2020 06:27 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 06 Jul 2020 06:27 PM IST
विज्ञापन
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
दहशतगर्द विकास दुबे आपराधिक घटनाओं की साजिशें अपनी बगिया में रचता था। आसपास के अपराधी भी यहीं पर इकट्ठा होते थे। साजिश के तहत वारदातों को अंजाम दिया जाता था। गांव के गुर्गे अपने-अपने घरों में भूसे के ढेर में असलहों का जखीरा रखते थे। जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में गुर्गे असलहों से लैस होकर मोर्चा लेने के लिए तैयार हो जाते थे।
विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
पुलिस की जांच और पकड़े गए बदमाश दयाशंकर की पूछताछ में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक विकास अपने घर पर दयाशंकर के अलावा पांच छह खास लोगों को ही बुलाता। अन्य बदमाशों को वह घर पर नहीं बुलाता था। उसका आदेश ऐसा था कि उसके घर पर बगैर जानकारी कोई नहीं पहुंचता था।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
चूंकि सीसीटीवी कैमरे घर पर लगे थे उसको आशंका रहती थी कि कहीं पुलिस सीसीटीवी खंगाल न ले। अगर ऐसा हो जाता तो वह पकड़ा जाता कि बदमाशों की बैठक वहां होती है। इसलिए वह पहले से ही सतर्क होकर बैठक घर से बाहर बगिया में करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल जमा करवा लेता था विकास
विकास दुबे बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। बैठक की जानकारी अधिकतर व्हाट्सएप कॉल के जरिये सभी को दी जाती थी। अधिकतर लोगों को एक दूसरे के जरिये बुलाया जाता था। बगिया में सभी के इकट्ठा होने के बाद दयाशंकर खुद सभी के मोबाइल जमा करवाता था। मोबाइल इसलिए जमा करवाता था, जिससे बैठक की बातें न रिकॉर्ड हों या न ही उसका कोई वीडियो बन सके।
विकास दुबे बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। बैठक की जानकारी अधिकतर व्हाट्सएप कॉल के जरिये सभी को दी जाती थी। अधिकतर लोगों को एक दूसरे के जरिये बुलाया जाता था। बगिया में सभी के इकट्ठा होने के बाद दयाशंकर खुद सभी के मोबाइल जमा करवाता था। मोबाइल इसलिए जमा करवाता था, जिससे बैठक की बातें न रिकॉर्ड हों या न ही उसका कोई वीडियो बन सके।
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : amar ujala
शराब का भी करता था काम
विकास दुबे के गुर्गे प्रॉपर्टी, जुआ, शराब का भी काम करते हैं। मुठभेड़ में मारा गया अतुल दुबे शराब का काम करता था। उसके घर पर देसी शराब की सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी की जांच के मुताबिक अतुल मिलावटी शराब का काम देखता था। रकम विकास की लगती थी और धंधा ये कर रहा था। काली कमाई विकास को पहुंचाई जाती थी। बाकी गुर्गे बांट लेते थे।
विकास दुबे के गुर्गे प्रॉपर्टी, जुआ, शराब का भी काम करते हैं। मुठभेड़ में मारा गया अतुल दुबे शराब का काम करता था। उसके घर पर देसी शराब की सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी की जांच के मुताबिक अतुल मिलावटी शराब का काम देखता था। रकम विकास की लगती थी और धंधा ये कर रहा था। काली कमाई विकास को पहुंचाई जाती थी। बाकी गुर्गे बांट लेते थे।