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Kanpur Encounter: सीओ से खुन्नस और एनकाउंटर के खौफ के चलते आतंकियों की तरह विकास दुबे ने की बर्बरता

Tue, 07 Jul 2020 11:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 07 Jul 2020 11:44 PM IST
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Vikas Dubey Kanpur Police Encounter News: Vikas Dubey attacked like terrorists due to fear of  encounter
विकास दुबे और दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र - फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में एनकाउंटर मामले के बाद पुराने एसएसपी के कारनामों का खुलासा हुआ है। थानेदार दहशतगर्द विकास से मिला हुआ था। रंगदारी के एक केस से विकास का नाम बाहर कर दिया था। इस संबंध में दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को एसओ के खिलाफ पत्र लिखा था। सीओ ने भविष्य में जघन्य वारदात होने की भी आशंका जताई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
Vikas Dubey Kanpur Police Encounter News: Vikas Dubey attacked like terrorists due to fear of  encounter
दिवंगत सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र - फोटो : अमर उजाला
चौबेपुर के बिकरू गांव निवासी रोली शुक्ला ने विकास दुबे, धर्मेंद्र, शिवम दुबे, अमर दुबे, वैभव दुबे, गोपाल सैनी पर रंगदारी मांगने, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और मारपीट की धाराओं में 13 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी। चौबेपुर एसओ रहते विनय तिवारी ने जांच अधिकारी अजहर से विकास दुबे का नाम केस से बाहर करवा दिया था। इसकी जानकारी होने पर बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्र ने एसएसपी को पत्र लिखा था, जिसमें बताया था कि विकास खूंखार अपराधी है। उसका नाम बाहर करने में थानेदार की मिलीभगत है। अगर वह ऐसे ही छूटता रहा तो किसी न किसी दिन वह बड़ी जघन्य वारदात को अंजाम देगा।
 
Vikas Dubey Kanpur Police Encounter News: Vikas Dubey attacked like terrorists due to fear of  encounter
कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पत्र को गंभीरता नहीं लिया
सीओ ने शिवली थाने में भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का भी जिक्र कर विकास की दहशत के बारे में भी बताया था। हैरानी की बात यह है कि सीओ के इस पत्र को तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने गंभीरता से नहीं लिया। थानेदार पर उनकी मेहरबानी जारी रही। विकास दुबे पर भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब जब ऐसी घटना को विकास दुबे ने अंजाम दिया है और उसमें थानेदार की मिलीभगत सामने आ रही है, उसमें तत्कालीन एसएसपी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 
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Vikas Dubey Kanpur Police Encounter News: Vikas Dubey attacked like terrorists due to fear of  encounter
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : अमर उजासा
असलहों से लैस होकर पहुंचा था विकास
रोली शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उस
के पति पुनीत शुक्ला एक निजी दुग्ध उत्पादन कंपनी में काम करते हैं। 13 मार्च को विकास और उसके गुर्गे उनके घर में घुस आए। सभी दो सेमी ऑटोमैटिक गन, एक राइफल, एक पिस्टल, एक रिपिटर लिए थे। दो लाख की रंगदारी मांगी। विरोध पर पुनीत को पीटा और फिर दो दिन के भीतर रकम देने की धमकी दी। न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।

 
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Vikas Dubey Kanpur Police Encounter News: Vikas Dubey attacked like terrorists due to fear of  encounter
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : amar ujala
एसओ पर आखिर क्यों मेहरबान थे एसएसपी
इनती शिकायतें और इतने कारनामों के बाद भी तत्कालीन एसएसपी चौबेपुर एसओ विनय तिवारी पर मेहरबान क्यों थे, इसका सवाल नहीं मिल सका है। सब अपने-अपने स्तर से कयास लगा रहे हैं। साथ ही गंभीर आरोप भी लगा रहे हैं। कार्रवाई न होने पर एसओ बेअंदाज हुआ। उसके कारनामे जारी रहे। बदमाशों का साथ बना रहा। वारदात के पीछे यह बड़ी वजह रही है।

पत्र वायरल हुआ है। उसकी जांच की जा रही है। जिस केस का जिक्र किया गया है, उसमें अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसका पता किया जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मोहित अग्रवाल, आईजी

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