{"_id":"5f044ccf8e20d44a61425a31","slug":"vikas-dubey-kanpur-encounter-news-vikas-dubey-became-the-enemy-of-his-own-people-for-money","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विकास के जीवन का यही फलसफा, बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया, दौलत के लिए अपनों के खून का प्यासा बन गया दहशतगर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास के जीवन का यही फलसफा, बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया, दौलत के लिए अपनों के खून का प्यासा बन गया दहशतगर्द
Tue, 07 Jul 2020 11:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 07 Jul 2020 11:43 PM IST
विज्ञापन
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
विकास दुबे के इतने चेहरे हैं कि उसे अच्छे अच्छे नहीं पहचान पाएं। दुश्मनी निभाने में उसने अपने सगे संबंधियों तक को नहीं छोड़ा। विकास के जीवन का यही फलसफा रहा कि बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया। दौलत के लिए विकास अपनों की हत्या करने से भी नहीं चूका।
रिचा दुबे, कुख्यात अपराधी विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
वर्ष 1995 के विकास व राजू संपर्क में आए
यह कहानी है शास्त्री नगर के शातिर बदमाश राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू की। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हुए राजू खुल्लर और विकास दुबे वर्ष 1995 के आसपास एक दूसरे के संपर्क में आए। कुछ ही समय में राजू विकास का जिगरी हो गया।
यह कहानी है शास्त्री नगर के शातिर बदमाश राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू की। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हुए राजू खुल्लर और विकास दुबे वर्ष 1995 के आसपास एक दूसरे के संपर्क में आए। कुछ ही समय में राजू विकास का जिगरी हो गया।
बेटे और पत्नी के साथ विकास दुबे
- फोटो : अम
विकास के तमाम गैर कानूनी धंधे संभालने लगा। घर में आने जाने की वजह से उसकी बहन सोनू से विकास के प्रेम संबंध हो गए। बाद में विकास ने सोनू से शादी की तो राजू साला हो गया। इन वर्षों में विकास ने बेशुमार दौलत कमाई। सब की सब सोनू के नाम करता गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
काफी समय तक राजू बहन संग गायब रहा
विकास के साथ राजू खुल्लर की भी ताकत बढ़ती गई। वर्ष 2000 में ताराचंद्र इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडेय और वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की हत्या के बाद विकास कभी जेल में रहा तो कभी फरार रहा। अगले पांच वर्ष इसी लुकाछिपी में बीते। इस दौरान विकास की सारी सत्ता काफी हद तक राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू के पास रही। इसी बीच सोनू के संबंध विकास के एक बहुत ही खास शख्स से हो गए। तीनों ने विकास से दूरी बनाने का प्रयास किया। राजू बहन सोनू को लेकर काफी समय तक गायब रहा।
विकास के साथ राजू खुल्लर की भी ताकत बढ़ती गई। वर्ष 2000 में ताराचंद्र इंटर कालेज के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडेय और वर्ष 2001 में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री की हत्या के बाद विकास कभी जेल में रहा तो कभी फरार रहा। अगले पांच वर्ष इसी लुकाछिपी में बीते। इस दौरान विकास की सारी सत्ता काफी हद तक राजू खुल्लर और उसकी बहन सोनू के पास रही। इसी बीच सोनू के संबंध विकास के एक बहुत ही खास शख्स से हो गए। तीनों ने विकास से दूरी बनाने का प्रयास किया। राजू बहन सोनू को लेकर काफी समय तक गायब रहा।
विज्ञापन
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
विकास की जमीनें बेचने की फिराक में था
राजू सोनू के नाम विकास की खरीदी हुई जमीनों को बेचने की फिराक में था। इसी बीच संतोष शुक्ला हत्याकांड में विकास बरी हो गया। राजू और सोनू की कारस्तानी का पता चलने पर वह आग बबूला हो गया। उसे सोनू के बेवफा होने से ज्यादा अपनी संपत्तियों के जाने का डर था। अपने दर्जनों गुर्गे राजू खुल्लर और सोनूूूूूूूूू को जिंदा या मुर्दा पकड़कर लाने के लिए लगा दिए। उस दौर के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि सोनू की तलाश में विकास दुबे ने शास्त्री नगर स्थित उसके घर पर धावा बोला था। तब उसने मोहल्ले के कई घरों की तलाशी ली थी। मगर सोनू नहीं मिली। इस बेवफाई से विकास इतना बौखला गया था कि राजू का यूपी में रहना मुश्किल कर दिया।
राजू सोनू के नाम विकास की खरीदी हुई जमीनों को बेचने की फिराक में था। इसी बीच संतोष शुक्ला हत्याकांड में विकास बरी हो गया। राजू और सोनू की कारस्तानी का पता चलने पर वह आग बबूला हो गया। उसे सोनू के बेवफा होने से ज्यादा अपनी संपत्तियों के जाने का डर था। अपने दर्जनों गुर्गे राजू खुल्लर और सोनूूूूूूूूू को जिंदा या मुर्दा पकड़कर लाने के लिए लगा दिए। उस दौर के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि सोनू की तलाश में विकास दुबे ने शास्त्री नगर स्थित उसके घर पर धावा बोला था। तब उसने मोहल्ले के कई घरों की तलाशी ली थी। मगर सोनू नहीं मिली। इस बेवफाई से विकास इतना बौखला गया था कि राजू का यूपी में रहना मुश्किल कर दिया।